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India Daily

झारखंड में एक जंगली हाथी ने बरपाया कहर! बच्चे को दांतों में टांगा; 21 लोगों को कूचल कर उतारा मौत के घाट

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक जगंली हाथी ने आतंक मचा रखा है. पिछले 1 जनवरी से हर रोज हाथी आधी रात में निकलता है और लोगों को अपना निशाना बनाता है.

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Edited By: Shanu Sharma
झारखंड में एक जंगली हाथी ने बरपाया कहर! बच्चे को दांतों में टांगा; 21 लोगों को कूचल कर उतारा मौत के घाट
Courtesy: AI Grok

रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक हाथी का आतंक रूकने का नाम नहीं ले रहा है. एक बार फिर से एक जंगली हाथी ने तिलोकुटी गांव दांतेल में शुक्रवार सुबह दो लोगों पर हमला कर के मौत के घाट उतार दिया. इस घटना की वजह से पूरे इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल है. हाथी ने एक मासूम बच्चे को भी अपना निशाना बनाया है. 

घटना के वक्त गांव में मौजूद लोगों का कहना है कि जंगल की ओर से आता हुआ हाथी ने गांव के लोगों पर अचानक हमला कर दिया. जिसकी वजह से प्रकाश मालवा की मौके पर मौत हो गई और हाथी के पैरों के नीचे आने के कारण एक बच्चा भी बुरी तरह से कुचला गया. 

हाथी के दांतों में फंसा बच्चा

गांव के लोगों का कहना है कि हाथी ने इतना जोरदार हमला किया कि बच्चे का शव हाथी के दांत में काफी देर तक फंसा रहा. इसे देखकर आसपास के लोग सहम गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. वन विभाग के मुताबिक, यह वही हाथी है जिसने बीते नौ दिनों में अब तक 21 लोगों की जान ले ली है. पिछले 48 घंटों तक हाथी शांत नजर आ रहा था, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद बंधी थी, लेकिन शुक्रवार को उसने फिर से उत्पात मचाना शुरू कर दिया. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में डर गहराता जा रहा है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने से भी घबरा रहे हैं.

रिहायशी इलाकों में रात के समय हमले

अधिकारियों ने बताया कि एक जनवरी से यह हाथी लगातार रिहायशी इलाकों में घुस रहा है और अधिकतर हमले रात के समय हुए हैं. हाथी की तलाश और उसे काबू में करने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है. पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, जमशेदपुर के दलमा और ओडिशा की वाइल्ड लाइफ टीमों को भी बुलाया गया है. देर रात तक गम्हरिया कैंप से जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ग्रामीणों से मिल रही अलग-अलग सूचनाओं का सत्यापन करने के लिए वनकर्मी मशाल लेकर संभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं. गुजरात स्थित वनतारा के हाथी विशेषज्ञ को भी बुलाया गया है, जो स्थानीय डीएफओ आदिय नारायण हाट के साथ गम्हरिया कैंप पहुंचे.