menu-icon
India Daily

60 साल की सास को मिली उम्रकैद की सजा, बहू को जिंदा जलाकर उतारा था मौत के घाट; जानें पूरा मामला

Deoghar News: झारखंड के देवघर जिले की अदालत ने 60 साल की अनीता देवी को अपनी बहू कविता देवी की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह घटना 2022 की है. कोर्ट ने अनीता देवी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और तेज ट्रायल के बाद फैसला आया.

princy
Edited By: Princy Sharma
60 साल की सास को मिली उम्रकैद की सजा, बहू को जिंदा जलाकर उतारा था मौत के घाट; जानें पूरा मामला
Courtesy: Pinterest

Jharkhand News: झारखंड के देवघर जिले की एक अदालत ने 60 साल की एक महिला को अपनी बहू की बेरहमी से हत्या करने के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह जुर्म 2022 में हुआ था और अदालत के फैसले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. 

एडिशनल सेशंस जज राजेंद्र कुमार सिन्हा ने शनिवार को फैसला सुनाया, जिसमें आरोपी अनीता देवी को अपनी बहू, कविता देवी की भयानक हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई. उम्रकैद के साथ, अदालत ने अनीता देवी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. यह सजा एक तेज ट्रायल के बाद आई है, जिसमें प्रॉसिक्यूशन इस दुखद मामले में इंसाफ के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था.

मौत से पहले कविता देवी का बयान

यह घटना 23 अप्रैल, 2022 को हुई, जब कविता देवी ने अपनी मौत से पहले पुलिस को बयान दिया. अपने बयान में, उसने बताया कि दिन में पहले उसकी और उसकी सास अनीता देवी के बीच गरमागरम बहस हुई थी. लड़ाई के बाद, कविता अपने घर लौट आई, जहां उसने सूखा घास रखा था.

साल ने लगाई आग 

थोड़ी देर बाद, अनीता देवी अपने घर पहुंची और घास में आग लगा दी, जो तेजी से कविता की साड़ी तक फैल गई. कविता मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन दुख की बात है कि समय पर कोई उसे बचाने नहीं आया. कुछ पड़ोसियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कविता ने दम तोड़ दिया.

पुलिस ने फाइल की चार्जशीट

पुलिस ने कविता के बयान के आधार पर सरवन पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया और तुरंत जांच शुरू कर दी. पुलिस ने 10 मार्च, 2025 को चार्जशीट फाइल की और केस फास्ट-ट्रैक ट्रायल के साथ आगे बढ़ा, जिससे आखिरकार अनीता देवी को दोषी ठहराया गया. यह केस घरेलू हिंसा के गंभीर नतीजों और तुरंत कानूनी कार्रवाई की अहमियत को दिखाता है. कोर्ट के फैसले से दुखी परिवार को कुछ राहत मिली है, लेकिन यह पारिवारिक झगड़ों के बुरे पहलू की एक डरावनी याद भी दिलाता है.