menu-icon
India Daily

महंगाई से राहत दिलाएंगे CM हेमंत सोरेन, झारखंड के 3 लाख सरकारी कर्मियों को मिलेगा सैलरी बोनस

Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए DA और DR में 2% बढ़ोतरी का प्रस्ताव ला सकती है, जिससे 3 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा और एरियर भी मिलेगा.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
महंगाई से राहत दिलाएंगे CM हेमंत सोरेन, झारखंड के 3 लाख सरकारी कर्मियों को मिलेगा सैलरी बोनस
Courtesy: social media

Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 8 मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास हो सकता है. अगर यह फैसला होता है, तो इससे राज्य के 3 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा.

प्रस्ताव पास होने पर डीए और डीआर में बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. इसका मतलब है कि कर्मचारियों को 5 महीने का एरियर भी मिलेगा, जिससे उनकी जेब में एकमुश्त अच्छी रकम आ सकती है.

झारखंड के कर्मचारियों के लिए तोहफा

फिलहाल झारखंड में 1,62,931 नियमित सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं और 1.58 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं. इन दोनों वर्गों को इस निर्णय से सीधा लाभ मिलेगा. कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा, वहीं पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में भी वृद्धि दर्ज होगी.

विजिलेंस क्लियरेंस होगी अब डिजिटल

सरकार ने विजिलेंस क्लियरेंस प्रक्रिया को भी आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया है. अब यह प्रक्रिया एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी. पहले यह प्रक्रिया ऑफलाइन थी, जिसमें विभाग से फाइल विजिलेंस विभाग तक जाती थी. अब कर्मचारी सीधे पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे.

कैबिनेट बैठक में नई उत्पाद नीति पर भी चर्चा की जाएगी, जिसके तहत खुदरा शराब की बिक्री को निजी हाथों में सौंपा जा सकता है. इस संबंध में दुकानों की बंदोबस्ती की योजना पर विचार किया जा रहा है.

पीवीटीजी क्षेत्र में खुलेंगे 275 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र

पीएम जनमन योजना के तहत आदिम जनजाति समूहों (PVTG) के लिए उनके क्षेत्रों में 275 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इनमें से 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी. यह प्रस्ताव भी कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है.