मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक भावुक और ऐतिहासिक पल देखने को मिला. शनिवार शाम को अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनीं.
अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था. मुंबई के लोक भवन में हुए इस शपथ समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, एनसीपी के बड़े नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल समेत अन्य नेता मौजूद रहे. सुनेत्रा पवार को राज्य एक्साइज ड्यूटी, खेल और युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास व औकाफ विभाग सौंपे गए हैं. अजीत पवार के पास योजना और वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे, जो अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास हैं.
शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार ने भावुक संदेश दिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अजित पवार ने अपनी पूरी जिंदगी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए समर्पित की. वे न्याय और समानता वाले विकसित महाराष्ट्र के सपने को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी. इस मुश्किल वक्त में जनता का प्यार उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
"आदरणीय अजितदादांनी आयुष्यभर शेतकरी, कष्टकरी, महिला, युवक आणि वंचित घटकांसाठी जगण्याचा मंत्र दिला. आज त्यांच्या विचारांचा वारसा पुढे नेत ‘शिव-शाहू-फुले-आंबेडकर’ यांच्या विचारांवर निष्ठा ठेवून कर्तव्य भावनेने उपमुख्यमंत्री पदाची जबाबदारी स्वीकारताना मन अक्षरशः भरून येत आहे.… pic.twitter.com/Z4vHP0BzkF
— Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) January 31, 2026
इससे पहले आज सुबह सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया था. पार्टी नेता छगन भुजबल ने उनका नाम प्रस्तावित किया था वहीं पार्टी के नेता दिलीप पाटिल व अन्य विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया था. एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्य विधानसभा या विधान परिषद किसी की भी सदस्य नहीं हैं इसलिए उन्हें 6 महीने के भीतर दोनों सदनों में से किसी एक की सदस्यता लेनी होगी.
तीन दिन पहले अजित पवार की बारामती जाते समय एक विमान हादसे में मौत हो गई थी. उनका विमान बारामती कस्बे में एक हवाई पट्टी के पास लैंड करने की कोशिश कर रहा था इसी दौरान वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई. अजित पवार समेत विमान में बैठ सभी 6 लोगों की मौत हो गई. यह हादसा कैसे हुआ इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक यूनिट और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो इस घटना की जांच कर रही है.
साल 2023 में अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर पार्टी के कई विधायकों के साथ महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे. उनके इस कदम से एनसीपी में फूट पड़ गई और एनसीपी दो धड़ों में बंट गई. हालांकि एनसीपी के दोनों गुटों ने इस महीने की शुरुआत में पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नगरपालिका चुनाव गठबंधन में लड़ा था.
वहीं सुनेत्रा पवार ने 2024 में बारामती से लोकसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन वह अपनी भाभी सुप्रिया सुले से हार गई थीं. हालांकि जून 2024 में वह राज्यसभा की सदस्य बनीं.
राजनीति में जोड़-तोड़ का खेल चलता ही रहता है. अजित पवार की मौत के साथ ही एक बार फिर से एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत चल रही है. सुनेत्रा पवार ने शनिवार को कहा था कि अजित पवार एनसीपी के गुटों का विलय चाहते थे.
सूत्रों की मानें तो दोनों गुटों के विलय को लेकर अजित पवार के साथ 16 और 17 जनवरी तक बातचीत चली थी, इसके बाद तय हुआ था कि विलय की औपचारिक घोषणा 12 फरवरी को की जाएगी. वहीं शुक्रवार को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि भाजपा अजित पवार के परिवार और एनसीपी द्वारा लिए गए किसी भी फैसले का समर्थन करेगी