झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. विधानसभा मार्च के दौरान तनाव के बीच JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई. नौ दिनों से भूख हड़ताल कर रहे महतो का ब्लड शुगर काफी गिरने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
देवेंद्र नाथ महतो सोमवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध मार्च में शामिल हुए थे. मार्च पुरानी विधानसभा के पास से शुरू हुआ और प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए कई बैरिकेड पार कर गए. जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस ने पानी की बौछार की. वहीं आगे बढ़ने की कोशिश के बाद आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया. प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट नंबर 1 तक पहुंचकर धरने पर बैठ गए. अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हुए.
BREAKING - Student leader Devendra Nath Mahto admitted to Sadar Hospital in Ranchi. pic.twitter.com/UC5dPcvOBk
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) August 10, 2026Also Read
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. कुछ छात्रों ने दावा किया कि लाठीचार्ज में उनके सिर, हाथ और चेहरे पर चोट लगी. वहीं कुछ महिला छात्रों के घायल होने की बात भी कही गई. वहीं, रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी में चार पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें तीन के सिर पर चोट लगी. महतो के सहयोगी पंकज कुमार ने भी दावा किया कि विधानसभा के पास हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान महतो घायल हुए. अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि महतो का ब्लड शुगर काफी गिर गया था और उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है.
अस्पताल ले जाए जाने से पहले महतो ने आंदोलन जारी रखने की बात कही. उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि उनका सत्याग्रह जारी रहेगा. महतो के मुताबिक, वह नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे. आंदोलनकारी JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, कई परीक्षाओं को रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं. वे जांच CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की समिति से कराने की मांग भी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार 13 में से केवल तीन परीक्षाएं रद्द करने पर सहमत हुई है.