रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लंबी बैठक के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका. छात्रों ने सोमवार को शांतिपूर्ण विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है.
सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी सबसे अहम मांग CBI जांच अब भी स्वीकार नहीं हुई है.
#WATCH रांची, झारखंड: JPSC-JSCC उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन | प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा मार्च का आह्वान किया है, जिसके चलते छात्र और एस्पिरेंट्स जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने लगे हैं। pic.twitter.com/LYbdoMdw2u
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने रविवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद कहा कि सरकार ने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि सरकार कई परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कार्रवाई करने पर सहमत हुई है.
सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 तथा 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग स्वीकार करने की बात कही है. हालांकि छात्रों की कई अन्य मांगों पर अब भी सहमति नहीं बनी है.
सरकार के अनुसार भर्ती परीक्षाओं में कथित आपराधिक अनियमितताओं की जांच CID करेगी. संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए ED से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा. सरकार ने जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव भी दिया है.
सरकार ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा. मंत्री के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का प्रयास किया जाएगा.
छात्रों की सबसे बड़ी मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच है. सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया. सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित परीक्षा को वह एकतरफा रद्द नहीं कर सकती.
छात्र नेताओं ने सरकार के 98 प्रतिशत मांगें मानने के दावे को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इनमें से केवल तीन को रद्द करने की बात मानी है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने CID जांच को लेकर भी आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है. छात्रों का कहना है कि इससे कथित अनियमितताओं की वास्तविक जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी.
भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच JPSC के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. CID द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने इस्तीफा दिया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए.
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है. छात्रों ने राज्यभर के युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा और किसी भी तरह के टकराव से बचा जाएगा.