हरियाणा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के शुरू होने के बाद यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है. हरियाणा रोडवेज अब जेवर एयरपोर्ट तक सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. पलवल, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बल्लभगढ़ डिपो की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित रूटों का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया है.
इस सर्वे में पलवल रोडवेज डिपो के महाप्रबंधक जितेंद्र यादव की अगुवाई में गुरुग्राम और बल्लभगढ़ डिपो के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. टीम ने सड़कों की स्थिति, दूरी, ट्रैफिक, स्टॉपेज और यात्रियों की सुविधा जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की.
अब सर्वे रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर सरकार को सौंपा जाएगा. मंजूरी मिलते ही इन रूटों पर बसें चलनी शुरू हो जाएंगी. सर्वे के अनुसार बल्लभगढ़, पलवल और फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है. बस से यह सफर सिर्फ 30 मिनट में पूरा किया जा सकता है. इस रूट पर जाम की समस्या लगभग नहीं है, जिससे यात्रियों को सुगम और तेज सफर मिलेगा.
महाप्रबंधक जितेंद्र यादव ने बताया कि सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है. 6 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें सर्वे रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. बैठक में रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर हरियाणा सरकार के पास भेजा जाएगा. सरकार की मंजूरी के बाद इन तीनों रूटों पर हरियाणा रोडवेज की बसें नियमित रूप से जेवर एयरपोर्ट के लिए चलाई जाएंगी.
तीन मुख्य रूटों पर सर्वे हुआ है – पलवल से जेवर, बल्लभगढ़ से जेवर और फरीदाबाद से जेवर. इन रूटों पर बस सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने में काफी आसानी होगी.
अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में जेवर एयरपोर्ट से कुछ उड़ानें शुरू होंगी, जबकि कई उड़ानें दिल्ली एयरपोर्ट से ही जारी रहेंगी. इसे ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम से भी जेवर एयरपोर्ट के लिए बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. इससे गुरुग्राम के लोगों को दोनों एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी.
जेवर एयरपोर्ट पूरी तरह operational होने के बाद रोजाना हजारों यात्री यहां आएंगे. हरियाणा रोडवेज की बस सेवा शुरू होने से इन यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में जेवर एयरपोर्ट तक सस्ता, आरामदायक और सीधा सफर मिल सकेगा. खासकर पलवल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और गुरुग्राम के लोगों को इस सेवा से सबसे ज्यादा लाभ होगा. यह कदम हरियाणा रोडवेज को और मजबूत बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.