हिसार के 4 सरकारी स्कूलों पर कार्रवाई, सीबीआई के नोटिस से मचा हड़कंप
हिसार के चार सरकारी स्कूलों को सीबीआई ने नोटिस भेजा है. यह कार्रवाई 2014-2016 के दौरान फर्जी छात्रों के नाम पर सरकारी धन के कथित गबन की जांच के तहत की जा रही है. स्कूलों से दस्तावेज मांगे गए हैं और रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
हिसार: चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने हिसार जिले में कार्रवाई तेज करते हुए चार सरकारी स्कूलों को नोटिस जारी किया है. यह कार्रवाई वर्ष 2014 से 2016 के बीच विद्यार्थियों के नाम पर मिलने वाली सुविधाओं में कथित गबन की जांच के तहत की जा रही है.
सीबीआई चंडीगढ़ द्वारा भेजे गए नोटिस में कुलेरी, लाडवा, शाहपुर और उकलाना गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं. इन स्कूलों से विद्यार्थियों की संख्या, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, प्रोत्साहन राशि, बैंक खातों का विवरण और मिड-डे मील से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है.
कब का है ये मामला?
दरअसल, वर्ष 2014 में सीबीआई ने एक मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या फर्जी दिखाकर सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि का दुरुपयोग किया गया. जांच में सामने आया कि हिसार जिले के करीब 45 सरकारी स्कूलों में 3455 छात्रों को फर्जी तरीके से दर्ज दिखाया गया.
इन फर्जी छात्रों के नाम पर मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं के लिए मिलने वाली धनराशि का कथित तौर पर गबन किया गया. इस मामले को लेकर अदालत के निर्देश पर सीबीआई लगातार जांच कर रही है और अब संबंधित स्कूलों से दस्तावेज मंगवाकर तथ्यों की पुष्टि की जा रही है.
जिला शिक्षा अधिकारी ने क्या बताया?
जिला शिक्षा अधिकारी वेद सिंह दहिया ने बताया कि सीबीआई के निर्देश पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सभी जरूरी दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं और तय समय सीमा के भीतर जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए जाएंगे.
सीबीआई की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. कई अन्य स्कूलों पर भी जांच की आंच आने की संभावना जताई जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कौन-कौन है जिम्मेदार?
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन जिम्मेदार हैं. फिलहाल सीबीआई की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है. शिक्षा विभाग के अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं और रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में जुट गए हैं.