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तीखी बहस में ज्वाॅइंट सेक्रेटरी ने खोया आपा, गुस्से में DU के प्रोफेसर को जड़ा जोरदार थप्पड़, Video आया सामने

DU Viral Video: दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज में बुधवार को एक बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया जब ABVP नेता और DUSU संयुक्त सचिव दीपिका झा ने बहस के दौरान प्रोफेसर सुजीत कुमार को प्रिंसिपल ऑफिस में थप्पड़ मार दिया. इस घटना से शिक्षक समुदाय में भारी आक्रोश है.

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Edited By: Princy Sharma
तीखी बहस में ज्वाॅइंट सेक्रेटरी ने खोया आपा, गुस्से में DU के प्रोफेसर को जड़ा जोरदार थप्पड़, Video आया सामने
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DUSU Joint Secretary Slaps Professor Video: DU में एक चौंकाने वाली घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, जब एक प्रोफेसर को कथित तौर पर एक छात्र नेता ने प्रिंसिपल के कार्यालय के अंदर थप्पड़ मार दिया. यह घटना बुधवार को डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज में हुई, जहां दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की संयुक्त सचिव और ABVP नेता दीपिका झा और कॉमर्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर सुजीत कुमार के बीच बहस हाथापाई में बदल गई. 

बहस तेजी से बढ़ी और गुस्से में आकर झा ने प्रोफेसर कुमार को दूसरों के सामने थप्पड़ मार दिया. प्रोफेसर स्तब्ध रह गए और इस घटना से शिक्षक समुदाय में खलबली मच गई.

छात्र नेता ने माफी मांगी

प्रतिक्रिया के बाद दीपिका झा ने माफी मांगी और स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि आवेग में आकर प्रतिक्रिया दी, लेकिन दावा किया कि प्रोफेसर कुमार ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकी भी दी. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने झड़प के दौरान शराब पी रखी थी.

दीपिका झा ने कहा, 'उस परेशानी और गुस्से के पल में, मैंने भावनात्मक रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त की और मुझे इसका गहरा अफसोस है. मेरा कभी भी शिक्षक समुदाय का अपमान करने का इरादा नहीं था. लेकिन एक महिला और एक छात्र नेता होने के नाते, प्रोफेसर सुजीत के बार-बार के दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा के कारण मैं असुरक्षित महसूस कर रही थी.' दीपिका झा ने कॉलेज प्रशासन से प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की और कहा कि उनकी चिंता परिसर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है.

शिक्षकों ने कड़ी सजा की मांग 

प्रोफेसर सुजीत कुमार ने दीपिका झा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है. इसके जवाब में, दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने घटना की कड़ी निंदा की और झा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की. उन्होंने इस घटना को अस्वीकार्य बताया और शिक्षकों में बढ़ते भय के माहौल पर चिंता व्यक्त की.

DUTA ने कहा, 'इस तरह की शारीरिक हिंसा एक खतरनाक मिसाल कायम करती है. किसी भी शिक्षक को अपना कर्तव्य निभाते समय असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए.' डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने भी एक बयान जारी कर कहा कि यह कॉलेज परिसरों में भीड़ द्वारा डराने-धमकाने की बढ़ती संस्कृति को दर्शाता है.

छात्र समूह NSUI ने भी आवाज उठाई

दिलचस्प बात यह है कि प्रतिद्वंद्वी छात्र समूह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने भी झा के खिलाफ आवाज उठाई है. NSUI अध्यक्ष वरुण चौधरी ने इस कृत्य को शिक्षकों की गरिमा पर हमला बताया है. उन्होंने दीपिका झा की गिरफ्तारी और इसमें शामिल अन्य DUSU और ABVP सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा, 'पुलिस अधिकारियों के सामने भी एबीवीपी नेताओं का ऐसा व्यवहार सिर्फ एक प्रोफेसर पर हमला नहीं है यह पूरी शैक्षणिक व्यवस्था पर हमला है.' 

आगे क्या?

जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और परिसर में तनाव बढ़ रहा है, अब सभी की निगाहें दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन पर टिकी हैं. क्या वे छात्र नेता के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, या मामले को दबा दिया जाएगा? शिक्षक और छात्र दोनों ही जवाब मांग रहे हैं.