नई दिल्ली: पूर्व बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परिवार सहित मुलाकात की. इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. वरुण अपनी पत्नी और बेटी के साथ पीएम से मिले और आशीर्वाद मांगा. सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए वरुण ने लिखा कि पीएम की मौजूदगी में पितृस्नेह और सुरक्षा का अनोखा अहसास हुआ. उन्होंने पीएम को राष्ट्र और जनता का सच्चा संरक्षक बताया. यह मुलाकात ऐसे में समय हुई है जब बीजेपी से उनके रिश्ते में तनाव था और अब सुलह की संभावनाएं चर्चा में हैं.
वरुण गांधी ने एक्स पर पोस्ट में मुलाकात का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि परिवार के साथ पीएम से मिलना सौभाग्य की बात है. पीएम के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से उन्हें नई ऊर्जा मिली. पोस्ट में पीएम के प्रति सम्मान और व्यक्तिगत जुड़ाव साफ झलकता है.
गौरतलब है कि वरुण गांधी तीन बार सांसद रह चुके हैं. 2009 और 2019 में पीलीभीत, 2014 में सुल्तानपुर से जीते थे. लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. इसके साथ ही उनकी मां मेनका गांधी सुल्तानपुर से हार गईं और पार्टी ने उन्हें संगठन से भी हटा दिया. इस दौरान वरुण ने किसान और युवा मुद्दों पर सरकार की आलोचना भी की.
परिवार सहित श्रद्धेय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से मिलकर उनका आर्शीर्वाद और मार्गदर्शन पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
— Varun Gandhi (@varungandhi80) March 17, 2026
आपके आभामंडल में अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है।
आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक… pic.twitter.com/RPSuJlbsrq
यह मुलाकात पांच राज्यों में चुनाव घोषणा के बीच हुई है. पश्चिम बंगाल सहित कई जगहों पर मतदान होने हैं. उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक फेरबदल चल रहा है और अगले साल विधानसभा चुनाव भी हैं. ऐसे में वरुण की वापसी की चर्चा तेज है. इससे सुलह के कयास लगाए जा रहे हैं. वरुण पहले बीजेपी में महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी रह चुके हैं. अब उनकी सकारात्मक टिप्पणी और मुलाकात से लगता है कि पुरानी कड़वाहट कम हो रही है. राजनीतिक विश्लेषक इसे बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं.
यह मुलाकात वरुण गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ रही है. क्या वे बीजेपी में वापस लौटेंगे या कोई नया रास्ता चुनेंगे, यह आने वाले समय में साफ होगा. लेकिन फिलहाल यह घटना पार्टी और विपक्ष दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.