दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने 3 फरवरी को साहिल की मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी. यह घटना इतना जबरदस्त था कि स्कॉर्पियों भी अनियंत्रित होकर वहां खड़ी एक टैक्सी में टकरा गया. इस घटना में मोटर साइकिल सवार साहिल की मौत होगई वहीं टैक्सी ड्राइवरी भी जख्मी हो गया.
मामले की जांच में पता चला कि स्कॉर्पियों चला रहा व्यक्ति खुदएक नाबालिग है, जिसके पास ना तो ड्राइविंग स्किल है और ना ही लाइसेंस. हालांकि इस मामले में पीड़ित की मां ने हैरान करने वाला एक नया खुलासा किया है. मां का कहना है कि उस कार के ऊपर 13 चालान थे और सभी ओवर स्पीडिंग के थे.
मीडिया से बात करते हुए साहिल की मां इना माकन ने कहा कि जब मैं उस दिन घटनास्थल पर पहुंची तो मेरा बेटा सड़क पर पड़ा था और उसके कपड़े फट गए थे. उसे काफी चोट आई थी, ऐसा लग रहा था कि जैसे वे मदद के लिए काफी देर तक चिल्लाता रहा होगा. लेकिन कोईभी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया.
उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने बच्चे को अस्पताल ले गया, तब तक उसने दम तोड़ दिया. अपने बेटे के खोने का दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद वह और उनका पूरा परिवार बच्चे के अंतिम संस्कार में व्यस्त थे. इसी बीच नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया था. लेकिन 10 फरवरी को बोर्ड परीक्षा के नाम पर उसे अंतरिम जमानत दे दी गई थी.
माकन ने कहा कि आरोपी की रिहाई के बारे में मुझे बाद में पता चला. क्योंकि उस समय हम अंतिम संस्कार में व्यस्त थे. इसके बाद में पुलिस और प्रशासन के पास गई. जहां मुझे निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है. उन्होंने आरोपी की गुनाह के बारे में बात करते हुए कहा कि जिस गाड़ी पर 13 चालान हो और फिर भी उसे एक बच्चा चला रहा हो, यह कोई हादसा नहीं हो सकता है. पुलिस ने इस मामले पर अब तक कार्रवाई करते हुए कई मामले दर्ज किए हैं.
वहीं घायल टैक्सी चालक के भी बयान दर्ज किए गए हैं. घटना की स्थिति को और भी बेहतर तरीके से समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए जा रहे हैं. वहीं साहिल के परिवार में मातम का माहौल है. अभी तक उनकी मां को यह विश्वास नहीं हो पा रहा कि उनका बच्चा अब इस दुनिया में नहीं रहा. वहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि क्या बोर्ड परीक्षा किसी के जान से बढ़ कर हो सकती है.