जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया. उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि अगर सोनम वांगचुक 20 जुलाई को प्रस्तावित विरोध मार्च में शामिल नहीं हो पाए, तो वह खुद उसकी अगुवाई करेंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा. गीतांजलि आंगमो ने यह भी आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाते समय न तो उन्हें और न ही स्वयं वांगचुक को पहले से जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि अस्पताल ले जाने का फैसला अचानक लिया गया. दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि लंबे उपवास और शरीर में पानी की कमी के कारण वह कमजोर हैं, हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है.
गीतांजलि आंगमो ने कहा कि अगर सोनम वांगचुक स्वास्थ्य कारणों से मार्च में शामिल नहीं हो पाए, तो वह स्वयं प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी. उनके अनुसार 20 जुलाई को प्रस्तावित विरोध मार्च पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से आंदोलन नहीं रुकेगा.
#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk's wife, Gitanjali J Angmo, says, "Regarding the High Court order, the order never mandated hospitalization. It simply stated that an individual's health is paramount and must be monitored at regular intervals; it did not order… pic.twitter.com/Snh7R0Iw5r
— ANI (@ANI) July 18, 2026
सोनम वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने केवल स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की बात कही थी. उनके मुताबिक आदेश में अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश नहीं था. उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती करने की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुरूप नहीं है.
गीतांजलि आंगमो ने कहा कि डॉक्टरों ने पहले वांगचुक की पोटैशियम रिपोर्ट गंभीर बताई, लेकिन परिवार को मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई. उन्होंने कहा कि वे जांच की पुष्टि किसी अन्य लैब से भी कराना चाहते हैं. उनका कहना है कि दवा शुरू करने से पहले रिपोर्ट का सत्यापन जरूरी है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल अस्पताल में कोई विशेष उपचार शुरू नहीं किया गया है. केवल स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी की जा रही है. उनके अनुसार सोनम वांगचुक अभी भी उपवास पर हैं और पहले की तरह केवल नमक मिला पानी ही ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की चिंता का सम्मान है, लेकिन आगे की चिकित्सा संबंधी निर्णय परिवार स्वयं करेगा.
सफदरजंग अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि लंबे समय से जारी उपवास और डिहाइड्रेशन की वजह से सोनम वांगचुक शारीरिक रूप से कमजोर हैं. अस्पताल के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन शरीर के जरूरी मानकों को सामान्य करने के लिए लगातार निगरानी और चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है. अस्पताल ने बताया कि उन्हें शनिवार सुबह भर्ती किया गया.