दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 1 अक्टूबर से वाहन मालिकों के लिए नियम सख्त होने जा रहे हैं. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के पेट्रोल पंपों पर वैध PUCC के बिना ईंधन नहीं मिलेगा. ऐसे में प्रदूषण जांच कराते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
प्रदूषण जांच के लिए किसी भी सड़क किनारे दुकान या बिना मान्यता वाले सेंटर पर भरोसा न करें. केवल परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त केंद्र पर ही वाहन की जांच कराएं. इससे जांच का रिकॉर्ड सरकारी सिस्टम में दर्ज होता है. तय फीस से ज्यादा पैसे भी न दें. वाहन के प्रकार और पेट्रोल, डीजल या CNG के हिसाब से शुल्क तय होता है. जांच के बाद कंप्यूटर से बनी रसीद जरूर लें.
PUCC मिलने के बाद सिर्फ कागज देखकर वापस न लौटें. अपने मोबाइल में mParivahan या eChallan पर वाहन नंबर डालकर देखें कि नया प्रमाणपत्र ऑनलाइन दिखाई दे रहा है या नहीं. अगर रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है तो सेंटर संचालक से तुरंत संपर्क करें. जांच के दौरान एक्सीलेटर बढ़ने पर स्क्रीन पर RPM रीडिंग भी देखें. सेंटर को सही तरीके से साइलेंसर में प्रोब लगाकर जांच करनी चाहिए.
मौजूदा डिजिटल व्यवस्था में प्रदूषण जांच के दौरान लाइव वेबकैम से वाहन की तस्वीर भी दर्ज होती है. इसलिए गाड़ी को इस तरह खड़ा करें कि नंबर प्लेट कैमरे के सामने साफ दिखाई दे. नंबर प्लेट छिपी या धुंधली रहने पर प्रमाणपत्र जारी होने में परेशानी हो सकती है. सही फोटो और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम वैध PUCC तैयार करता है. नियमों की अनदेखी पर वाहन मालिक पर 10,000 रुपये तक का चालान लग सकता है.