menu-icon
India Daily

जहरीली हवा से थोड़ी निजात, दिल्लीवासियों ने महसूस की हल्की राहत, स्मॉग बरकरार

दिल्ली में लगातार तीसरे दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार नजर आया है. सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार बुधवार सुबह AQI 267 रहा.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
जहरीली हवा से थोड़ी निजात, दिल्लीवासियों ने महसूस की हल्की राहत, स्मॉग बरकरार
Courtesy: GROK

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की हवा ने बीते तीन दिनों में थोड़ी राहत की सांस ली है. प्रदूषण के आंकड़ों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं.

हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुधार अभी नाकाफी है. हवा की गुणवत्ता अब भी ऐसी स्थिति में है, जो लोगों की सेहत पर असर डाल सकती है. ठंड, नमी और स्मॉग की परत ने समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया है.

तीन दिन में AQI में आई गिरावट

सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 267 रिकॉर्ड किया गया. इससे पहले मंगलवार को यह 291 और सोमवार को 318 रहा था. इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है. बावजूद इसके, AQI अब भी “हानिकारक” श्रेणी में बना हुआ है, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

घने स्मॉग से लोगों की परेशानी

दिल्ली के कई इलाकों जैसे इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, ITO और आनंद विहार में गुरुवार सुबह घना स्मॉग छाया रहा. कम विजिबिलिटी के कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो गया. ऑफिस जाने वाले लोगों, स्कूल बसों और अन्य वाहनों को धीमी रफ्तार से चलना पड़ा. ठंड और धुंध के मेल ने सुबह के समय जनजीवन को खासा प्रभावित किया.

मौसम और प्रदूषण का तालमेल

11 दिसंबर की सुबह दिल्ली का तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आसमान में बादल छाए रहने और हवा में नमी ज्यादा होने से स्मॉग जमीन के पास ही जमा रहा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यही वजह है कि प्रदूषण आसानी से फैल नहीं पा रहा और हवा में सुधार सीमित नजर आ रहा है. ठंडी हवा और कम धूप भी स्थिति को जटिल बना रही है.

PM स्तर और सेहत की चिंता

दिल्ली में PM 2.5 का स्तर 213 और PM 10 का स्तर 269 रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद नुकसानदायक श्रेणी में आते हैं. यह स्थिति खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक मानी जा रही है. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक इस हवा में रहना गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है.

आगे क्या है अनुमान

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा की दिशा और रफ्तार में बदलाव होता है तो आने वाले दिनों में प्रदूषण में और कमी आ सकती है. लेकिन तापमान में गिरावट और बादलों की मौजूदगी स्मॉग को जमीन के पास रोक सकती है. ऐसे में दिल्लीवासियों को अभी कुछ दिनों तक सावधानी के साथ रहना जरूरी होगा.

Topics