अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार तड़के ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का नया दौर शुरू करने की जानकारी दी. यह लगातार नौवीं रात है जब अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया.
अमेरिका द्वारा यह कार्रवाई उत्तरी इराक में गिराए गए एक ईरानी ड्रोन से बचे विस्फोटकों को नियंत्रित तरीके से नष्ट करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत और दूसरे के घायल होने के बाद की गई.
सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमलों के लिए किया जा सकता है. ब्रिटिश सेना ने जानकारी दी कि ओमान के तट के पास होर्मुज में एक जहाज में आग लग गई. हालांकि आग लगने का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है और हाल के दिनों में यहां सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ी है. अमेरिका पहले भी अपने सहयोगी देशों के जहाजों को इस क्षेत्र में सुरक्षित मार्ग अपनाने की सलाह देता रहा है ताकि संभावित खतरों से बचा जा सके.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर किए गए हालिया हमले उन अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में किए गए हैं जिन्होंने इस संघर्ष में जान गंवाई. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बहुत जोरदार हमला किया है और यह उन सैनिकों के बलिदान को सम्मान देने के लिए था जो इस उद्देश्य से लड़ रहे थे कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके. सेंटकॉम के अनुसार, 18 जुलाई को उत्तरी इराक में विस्फोटक निष्क्रिय करते समय एक सैनिक की मौत हुई, जबकि दूसरा मामूली रूप से घायल हो गया. मृत सैनिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी मिसाइलों का नया दौर शुरू किया है. इस बीच बहरीन, जॉर्डन और कुवैत ने संभावित हमलों को देखते हुए अपने वायु रक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया है.