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शालीमार बाग में आधी रात मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन, मौके पर मचा हंगामा

दिल्ली के शालीमार बाग में मंगलवार देर रात सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. इस दौरान मदीना मस्जिद का हिस्सा और आसपास के कुछ ढांचे भी हटाए गए.

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Edited By: Shanu Sharma
शालीमार बाग में आधी रात मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन, मौके पर मचा हंगामा
Courtesy: X (@AyubKha87854248)

शालीमार बाग इलाके में मैक्स हॉस्पिटल रोड को चौड़ा करने की योजना के तहत मंगलवार देर रात प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया. बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई में सड़क के रास्ते में आने वाले कुछ ढांचों को हटाया गया. इनमें मदीना मस्जिद का एक हिस्सा और आसपास के मकान भी शामिल थे.

शालीमार बाग में रोड नंबर 320 को करीब 30 मीटर तक चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है. दिल्ली हाई कोर्ट के अप्रैल 2026 के आदेश से सड़क चौड़ीकरण के लिए 140 से अधिक ढांचों को हटाने का रास्ता साफ हुआ था.

कार्रवाई को लेकर क्या कहा गया?

मस्जिद प्रबंधन की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं. प्रबंधन के अनुसार, उसे अलग-अलग नोटिस जारी किए गए थे और इसके बाद मामले को कानूनी स्तर पर चुनौती दी गई थी. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, संबंधित अपीलीय प्रक्रिया में मस्जिद के कुछ हिस्सों को हटाने की अनुमति का उल्लेख किया गया है. वहीं, प्रशासनिक पक्ष से इस अभियान को सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बताया गया है. पहले भी इसी सड़क पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है. मई-जून के दौरान शालीमार बाग क्षेत्र में करीब 150 ढांचों को हटाने का अभियान चलाया गया था.

AIMIM नेता शोएब जमई मौके पर पहुंचे

कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद AIMIM दिल्ली के अध्यक्ष शोएब जमई भी देर रात मौके पर पहुंचे. उन्होंने कार्रवाई के समय और प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे असंवैधानिक बताया. जमई ने आरोप लगाया कि मस्जिद के इमाम और कमेटी के सदस्यों को जरूरी सामान और धार्मिक सामग्री बाहर निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया. मस्जिद प्रबंधन की ओर से भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है. शालीमार बाग-पितमपुरा रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत इस साल पहले भी धार्मिक ढांचों और अन्य कथित अतिक्रमणों को हटाया गया है. जुलाई में सड़क चौड़ीकरण के लिए एक धार्मिक स्थल को हटाए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी.