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संपत्ति के लिए भतीजे ने शर्मसार किए रिश्ते! चाचा की हत्या के दोषी गुरपिंदर सिंह को हुई उम्रकैद

अमृतसर जिला सेशन कोर्ट ने चाचा नरेंद्र सिंह की हत्या के दोषी गुरपिंदर सिंह उर्फ गोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. मामला दिसंबर 2022 का है. अभियोजन के मुताबिक गुरपिंदर ने संपत्ति के विवाद को लेकर अपने चाचा पर हमला किया था.

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Edited By: Babli Rautela
संपत्ति के लिए भतीजे ने शर्मसार किए रिश्ते! चाचा की हत्या के दोषी गुरपिंदर सिंह को हुई उम्रकैद
Courtesy: AI

अमृतसर में चाचा की हत्या के मामले में जिला सेशन कोर्ट ने दोषी गुरपिंदर सिंह उर्फ गोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उसे नरेंद्र सिंह की हत्या का दोषी माना. गुरपिंदर सिंह अमृतसर के गांव गागरभाणा का रहने वाला है. यह मामला 4 दिसंबर 2022 को थाना ब्यास में दर्ज किया गया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक हत्या के पीछे संपत्ति को लेकर विवाद था. पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी नशे का आदी था.

सुबह घर पहुंचकर किया हमला

मामले के अनुसार 4 दिसंबर 2022 की सुबह करीब 7:30 बजे गुरपिंदर सिंह अपने चाचा नरेंद्र सिंह के घर पहुंचा. दरवाजा खुलते ही उसने नरेंद्र सिंह पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले में नरेंद्र सिंह के पेट और सिर पर गंभीर चोटें आईं. घर से चीखने की आवाज सुनकर उनकी पत्नी जसवीर कौर और पड़ोसी गुरमेज सिंह चीमा मौके पर पहुंचे. दोनों ने नरेंद्र सिंह को बचाने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल नरेंद्र सिंह को इलाज के लिए क्लेर अस्पताल ले जाया गया. हालांकि उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

संपत्ति को लेकर हत्या का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि गुरपिंदर सिंह कथित तौर पर नशे का आदी था और अपने चाचा की संपत्ति पर नजर रखता था. अभियोजन के अनुसार संपत्ति हासिल करने के इरादे से उसने अपने चाचा पर हमला किया था. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद करने का दावा किया था.

मामले की सुनवाई अमृतसर जिला सेशन जज जतिंदर सिंह की अदालत में हुई. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद गुरपिंदर सिंह उर्फ गोपी को नरेंद्र सिंह की हत्या का दोषी माना. अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई. मामले में कोर्ट के फैसले के बाद चाचा की हत्या से जुड़े इस केस का ट्रायल पूरा हुआ.

परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया फैसला

दिसंबर 2022 में हुई इस घटना के बाद मामला अदालत पहुंचा था. नरेंद्र सिंह की मौत के बाद परिवार ने न्यायिक प्रक्रिया के जरिए दोषी को सजा मिलने का इंतजार किया. अब अदालत की ओर से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद मामले में फैसला सामने आया है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि संपत्ति से जुड़े विवाद किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं. फिलहाल अदालत के फैसले के बाद दोषी गुरपिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी.