नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों के लिए शुक्रवार का दिन एक बड़ी कानूनी राहत लेकर आया. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा शराब नीति मामले में बरी (डिस्चार्ज) किए जाने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर भावुक कर देने वाले दृश्य देखे गए. फैसले के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अरविंद केजरीवाल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और कैमरे के सामने ही फफक कर रो पड़े.
केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन की कड़ी मेहनत से केवल 'ईमानदारी' की कमाई की है. भावुक होते हुए उन्होंने अपना चश्मा उतारा, अपनी आंखें ढकीं और काफी देर तक चुप रहे. इस दौरान उनके समर्थक और वकील उनका हौसला बढ़ाते नजर आए. केजरीवाल ने कहा- 'हमें प्रताड़ित किया गया. टीवी चैनलों पर बहसें चलीं और खबरें दिखाई गईं कि केजरीवाल भ्रष्ट है, लेकिन आज कोर्ट का फैसला मेरी बेगुनाही का सबसे बड़ा सबूत है.'
AAP national convener and former Delhi CM Arvind Kejriwal breaks down after being discharged in the Delhi Excise policy case by Rouse Avenue Court
He says, "I am not corrupt. The court has said that Kejriwal and Manish Sisodia are honest." pic.twitter.com/HA1LC44Coc— Shubham tewari (@shubhamiimcmz) February 27, 2026Also Read
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केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने अपील की कि सत्ता के लिए चुनी हुई सरकारों को गिराने का काम बंद होना चाहिए और जनता की सेवा के दम पर पद पर बने रहना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और प्रदूषण जैसे असल मुद्दों का समाधान पेश करके सत्ता में क्यों नहीं आती? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संविधान को मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए.
सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी के दावों पर गंभीर सवाल उठाए. कोर्ट ने गौर किया कि केजरीवाल के खिलाफ सबूतों का अभाव है और किसी भी गंभीर आरोप के लिए पुख्ता आधार होना जरूरी है. बिना सबूत के किसी को 'मुख्य साजिशकर्ता' करार देना कानूनन सही नहीं है. अदालत ने मनीष सिसोदिया को राहत देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं सका और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मंशा नजर नहीं आई. दस्तावेजों से यह केवल प्रशासनिक विचार-विमर्श प्रतीत होता है, न कि कोई गबन.
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनीता केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह पूरा मामला किसी की सत्ता की भूख का परिणाम था. केजरीवाल के वकील विवेक जैन ने बताया कि कोर्ट ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए हर साक्ष्य की बारीकी से जांच की और पाया कि एक भी आरोप तय करने की सीमा को पार नहीं कर पाया. कोर्ट ने यह भी माना कि आबकारी नीति का निर्माण संस्थागत सुरक्षा उपायों के तहत किया गया था.
फिलहाल, सबूतों की कमी के चलते सिसोदिया और केजरीवाल के खिलाफ यह मामला बंद हो गया है, हालांकि सूत्रों के मुताबिक सीबीआई इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे सकती है.