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India Daily

फिर लौटी 'राहगिरी': इस रविवार कार-फ्री रहेगा कनॉट प्लेस का इनर सर्कल, NDMC का बड़ा फैसला

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) रविवार, 4 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में 'राहगिरी डे' का आयोजन कर रही है. सुबह 7 से 10 बजे तक इनर सर्कल वाहनों के लिए बंद रहेगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
फिर लौटी 'राहगिरी': इस रविवार कार-फ्री रहेगा कनॉट प्लेस का इनर सर्कल, NDMC का बड़ा फैसला
Courtesy: Social media

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस (CP) के इनर सर्कल में एक बार फिर राहगिरी डे की रौनक लौटने जा रही है. न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने दिल्लीवासियों को स्वस्थ जीवनशैली और प्रदूषण मुक्त माहौल देने के लिए इस रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को राहगिरी प्रोग्राम आयोजित करने का ऐलान किया है.

इस अवसर पर सुबह 7:00 बजे से सुबह 10:00 बजे तक कनॉट प्लेस का इनर सर्कल पूरी तरह कार-फ्री रहेगा. इस दौरान सिर्फ पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और फिटनेस प्रेमियों को सड़कों का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी.

मुख्य आकर्षण और गतिविधियां

NDMC इस कार्यक्रम का आयोजन राहगिरी फाउंडेशन, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और 'फिट इंडिया' (Fit India) के साथ मिलकर कर रहा है. यह आयोजन 5 से 7 अक्टूबर तक होने वाली 'अर्बन अड्डा '26' (Urban Adda '26) कॉन्फ्रेंस के कर्टेन-रेज़र के रूप में भी देखा जा रहा है.

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण निम्नलिखित हैं:

Sundays on Cycle: 'फिट इंडिया' पहल के तहत सैकड़ों साइकिल सवार एक रैली में हिस्सा लेंगे.
फिटनेस और स्पोर्ट्स जोन: आम जनता के लिए योग, जुंबा, स्ट्रीट गेम्स और बच्चों के लिए विशेष खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.
कला और संस्कृति: सेंट्रल पार्क के पास ओपन-एयर आर्ट एग्जीबिशन, इंटरेक्टिव वर्कशॉप्स और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी.
लाइव कंसर्ट: सेंट्रल पार्क में मशहूर रॉक बैंड 'यूफोरिया' (Euphoria) का लाइव म्यूजिक परफॉर्मेंस होगा.

राहगिरी की शुरुआत और उद्देश्य

भारत में राहगिरी की शुरुआत सबसे पहले 17 नवंबर 2013 को गुरुग्राम से हुई थी, जिसके बाद इसे दिल्ली के कनॉट प्लेस में भी लागू किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सड़कों पर सुरक्षित चलने, साइकिल चलाने और योग-जुंबा जैसी एक्टिविटीज के जरिए स्वच्छ हवा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है.

व्यापारियों ने जताई चिंता

दूसरी तरफ, 'न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन' (NDTA) ने इस आयोजन का विरोध किया है. व्यापारियों का कहना है कि राहगिरी के दौरान भारी भीड़ के चलते ट्रैफिक जाम, संपत्तियों को नुकसान और व्यावसायिक गतिविधियों में गिरावट आती है. उनका मानना है कि सीपी एक कॉमर्शियल हब है न कि सांस्कृतिक केंद्र.

हालांकि, NDMC का कहना है कि हफ्ते में केवल 3 घंटे के लिए सड़कों को लोगों के हवाले करने से यह संदेश जाएगा कि सड़कें केवल गाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी हैं.