नई दिल्ली: सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य राजकीय स्वागत किया गया. गोल्डन जुबिली नेशनल डे समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रधानमंत्री को स्टेट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान सेशेल्स सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान से भी नवाजा, जिसने इस यात्रा को और ज्यादा ऐतिहासिक बना दिया.
प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे हैं. यहां उन्होंने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने, हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. यह दौरा भारत और सेशेल्स की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है.
'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' का अर्थ है 'नीले क्षितिज का संरक्षक'. यह सम्मान उन नेताओं या व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने समुद्री पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले, ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग में उल्लेखनीय योगदान दिया हो. समुद्र पर निर्भर द्वीपीय देश सेशेल्स के लिए यह सम्मान बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है.
सेशेल्स ने प्रधानमंत्री मोदी को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देने, ब्लू इकोनॉमी के विकास और जलवायु परिवर्तन से जुड़े वैश्विक अभियानों में भारत की सक्रिय भूमिका के सम्मान में यह उपाधि प्रदान की है. इसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों और साझा विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी माना जा रहा है.
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इसके अलावा वह देश की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे.
भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं. साझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव और समुद्री सहयोग दोनों देशों की साझेदारी की मजबूत नींव हैं. प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.