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फिर चर्चा में खटियापाटी हत्याकांड, पीड़ित परिवार पर ही दर्ज हुआ केस; पुलिस की कार्रवाई से भड़का जनआक्रोश

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में खटियापाटी हत्याकांड फिर चर्चा में है. काउंटर केस में पुलिस कार्रवाई के बाद पीड़ित पक्ष के खिलाफ केस दर्ज होने से लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
फिर चर्चा में खटियापाटी हत्याकांड, पीड़ित परिवार पर ही दर्ज हुआ केस; पुलिस की कार्रवाई से भड़का जनआक्रोश
Courtesy: grok

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में खटियापाटी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है. पुलिस द्वारा दर्ज किए गए काउंटर केस और हालिया गिरफ्तारियों ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस निर्दोषों को फंसाकर असली मामले को कमजोर कर रही है. इसी को लेकर जिले में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

फिर क्यों गरमाया खटियापाटी हत्याकांड

खटियापाटी गांव में अक्टूबर 2025 में हुई हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. अब काउंटर केस में की गई पुलिस कार्रवाई के बाद मामला दोबारा चर्चा में आ गया है. पुरानी बस्ती के लोग पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि हत्या के पीड़ित पक्ष को ही आरोपी बनाया जा रहा है, जिससे न्याय की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही है.

क्या था हत्या का पूरा मामला

17 अक्टूबर 2025 की रात पंचायत भवन के पास दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ था. देखते ही देखते झगड़ा हिंसक हो गया और 21 वर्षीय हरीश शायर पर चाकू से हमला कर दिया गया. गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हमले में दीप कुर्रे और साहिल शायर भी घायल हुए थे. घटना के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया था.

काउंटर केस से बढ़ा विवाद

मुख्य हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी पक्ष ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसी काउंटर केस के तहत पुलिस ने कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया, जिससे विरोध शुरू हो गया. मृतक के परिजनों का कहना है कि जिन लोगों को पकड़ा गया, वे घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थे. इसके बावजूद उन पर गंभीर धाराएं लगाई गईं.

सड़कों पर उतरे लोग, महिलाओं ने भी उठाई आवाज

पुलिस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और धरना दिया. प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने परिजनों को निर्दोष बताते हुए रिहाई की मांग की. उनका कहना है कि बिना वारंट सुबह-सुबह घरों से लोगों को उठा लिया गया. इससे पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया है.

पुलिस का पक्ष और निष्पक्ष जांच की मांग

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और जांच जारी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा. वहीं, प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और पीड़ित पक्ष को परेशान करना बंद किया जाए, ताकि लोगों का कानून पर भरोसा बना रहे.