भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. एलपीजी से भरा टैंकर शिवालिक सुरक्षित रूप से खाड़ी क्षेत्र से यात्रा पूरी कर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया है. यह जहाज फारस की खाड़ी से रवाना होकर दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करते हुए भारत पहुंचा. शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि जहाज के पहुंचने के बाद बंदरगाह पर जरूरी कागजी प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी कर ली गई थीं ताकि गैस उतारने में कोई देरी न हो.
अधिकारियों के मुताबिक इस टैंकर में करीब 40 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लदी हुई है. यह गैस देश में घरेलू उपयोग और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी. सरकार का कहना है कि जहाज के सुरक्षित पहुंचने से गैस आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कमी आई है. बंदरगाह पर जहाज को प्राथमिकता के साथ जगह दी गई ताकि कार्गो जल्दी खाली किया जा सके.
#WATCH | Gujarat: LPG tanker Shivalik, which crossed the Strait of Hormuz, reaches Mundra Port. pic.twitter.com/tVXvWunqba
— ANI (@ANI) March 16, 2026
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार एक और भारतीय जहाज नंदा देवी भी गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है. यह टैंकर भी उसी समुद्री मार्ग से होकर आ रहा है और उसके अगले दिन भारत पहुंचने की उम्मीद है. अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों जहाजों के सुरक्षित पहुंचने से ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति सामान्य बनी रहेगी.
सरकारी जानकारी के अनुसार इस समय फारस की खाड़ी क्षेत्र में कुल 24 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं. ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में विभिन्न स्थानों पर हैं. शिपिंग मंत्रालय ने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है और सभी लोग सुरक्षित हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है. वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी मार्ग से गुजरती है. भारत के लिए भी यह रास्ता बेहद अहम है, क्योंकि पश्चिम एशिया से आने वाली 90 प्रतिशत से अधिक एलपीजी आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग के जरिए देश तक पहुंचती है. ऐसे में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है.