बिलासपुर: साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं. इस बार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया गया. आरोप है कि मोबाइल में APK फाइल के जरिए सेंध लगाकर उसके बैंक खाते से 29 हजार रुपये निकाल लिए गए. घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू कर दी गई है. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बैंक खाते से रकम निकलने के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर किसी तरह का OTP नहीं आया. घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन ठगी के बढ़ते खतरे और मोबाइल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर सेल ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
पुलिस लाइन के ब्लॉक-डी निवासी प्रेम उपाध्याय ने शिकायत में बताया कि मंगलवार को उन्होंने पुलिस पेट्रोल पंप पर UPI के जरिए पेट्रोल का भुगतान किया था. इसके बाद जब वह कलेक्टर कार्यालय परिसर पहुंचे तो उन्हें बैंक खाते से लगातार चार ट्रांजेक्शन के जरिए 29 हजार रुपये निकलने की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया.
शिकायत के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने APK फाइल के माध्यम से मोबाइल को हैक कर SBI बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर ली. बैंक रिकॉर्ड में यह राशि 'मुसाफिर' नाम से स्थानांतरित होना सामने आया है. शिकायत मिलते ही पीड़ित ने बैंक की कलेक्टोरेट शाखा और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर भी इसकी सूचना दर्ज कराई.
इस मामले की सबसे गंभीर बात यह रही कि बैंक खाते से पैसे निकलते समय पीड़ित के मोबाइल पर कोई OTP नहीं पहुंचा. शिकायत में बताया गया कि ठगों ने मोबाइल के भीतर ही मैसेज को ब्लॉक कर दिया था. यही वजह रही कि खाते से रकम निकलने की जानकारी उन्हें ट्रांजेक्शन होने के बाद मिली.
घटना के बाद बिलासपुर साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या अनजान स्रोत से मिलने वाले ऐप को डाउनलोड न करें. ऐसे ऐप मोबाइल की सुरक्षा से समझौता कर सकते हैं और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं.
पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.