छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मौजूद कई डैम और जलाशय अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण लोगों को आकर्षित करते हैं. बारिश और छुट्टियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग घूमने पहुंचते हैं. लेकिन इन खूबसूरत जगहों के पीछे कई ऐसे खतरे भी छिपे हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. हाल के वर्षों में डूबने की घटनाओं ने इन स्थानों पर सतर्क रहने की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है. अधिकांश जलाशयों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, लाइफ गार्ड और चेतावनी संकेतों की कमी चिंता का विषय बनी हुई है. ऐसे में प्रशासन लोगों से अपील करता है कि डैम और जलाशयों के आसपास पूरी सावधानी बरतें. खासकर बारिश के मौसम में पानी का स्तर और बहाव तेजी से बदल सकता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है.
भैंसाझार जलाशय हाल ही में दो युवाओं की डूबने से हुई मौत के बाद चर्चा में आया था. इस जलाशय की अधिक गहराई, तेज बहाव और फिसलन भरे किनारे इसे बेहद जोखिमपूर्ण बनाते हैं. दुर्घटना के बाद गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकाले गए थे. ऐसे में यहां पानी के करीब जाने से पहले विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
घोंघा जलाशय, जिसे कोरी डैम के नाम से भी जाना जाता है, गहरे पानी और तेज बहाव के कारण पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है. वहीं खूंटाघाट स्थित खारंग जलाशय अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन बारिश के दौरान यहां जलस्तर तेजी से बढ़ता है. इसके साथ ही किनारे फिसलन भरे हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है.
बिलासपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर सकरी गांव स्थित कोपरा जलाशय सर्दियों में प्रवासी पक्षियों के कारण आकर्षण का केंद्र बनता है. हालांकि यहां गहराई और सुरक्षा व्यवस्था की कमी लोगों के लिए जोखिम पैदा करती है. वहीं तखतपुर के पास बिलासपुर कोटा मार्ग पर स्थित चापी जलाशय भी लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है, लेकिन गहरे पानी और फिसलन भरे किनारों के कारण इसे भी संवेदनशील स्थान माना जाता है.
मानसून के दौरान डैम और जलाशयों में पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है. कई बार सतह सामान्य दिखाई देती है, लेकिन भीतर गहराई और तेज बहाव होने से लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं. ऐसे समय में पानी के भीतर उतरना या किनारों पर अधिक देर तक रुकना खतरनाक साबित हो सकता है.
यदि आप इन डैम या जलाशयों पर घूमने जा रहे हैं, तो पानी में उतरने से बचें और गहरे हिस्सों की ओर जाने की कोशिश न करें. चेतावनी वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और बच्चों पर विशेष नजर रखें. सुरक्षा नियमों का पालन करना और जोखिम वाले स्थानों पर लापरवाही से बचना ही किसी भी बड़े हादसे से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है.