बस्तर जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है. पांचवीं और आठवीं कक्षा की 2,380 मार्कशीट में त्रुटियां मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सातों ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब तलब किया है.
जिले में पांचवीं और आठवीं कक्षा की कुल 2,380 मार्कशीट में त्रुटियां पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर हुई है. जानकारी के अनुसार, परीक्षा संचालन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर गंभीर चूक हुई, जिसके कारण विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं में गलतियां दर्ज हो गईं. मामला सामने आने के बाद कलेक्टर आकाश छिकारा ने तत्काल संज्ञान लिया और जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद सातों ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.
सूत्रों के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी ने 13 जुलाई को ही सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को मार्कशीट में मौजूद त्रुटियों को समय रहते सुधारने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार कार्य पूरा नहीं किया गया. प्रशासन का मानना है कि यदि समय पर निर्देशों का पालन किया जाता, तो इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की अंकतालिकाएं प्रभावित नहीं होतीं. अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से इस पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि गलती किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. प्रशासन का उद्देश्य केवल त्रुटियों को सुधारना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए जवाबदेही भी तय करना है.
मार्कशीट में हुई गड़बड़ी का सीधा असर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर पड़ा है. हजारों छात्र अपनी संशोधित अंकतालिकाओं का इंतजार कर रहे हैं, जिससे आगे की प्रवेश प्रक्रिया और अन्य शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं. शिक्षा विभाग का कहना है कि त्रुटियों को जल्द से जल्द ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.