केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली जीत का जश्न मनाते हुए, रायपुर में सैकड़ों छात्र रविवार को अंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए और छत्तीसगढ़ में अपना आंदोलन शुरू किया. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग की और जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू की मौत के मामले में न्याय की मांग दोहराई.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक कई गंभीर समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं. उनका दावा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा.
रायपुर के अंबेडकर चौक पर भारी संख्या में छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जुटे. पुलिस की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा, संविधान की प्रतियां, गुलाब के फूल और अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियां लेकर अपनी बात रखी. छात्र नेताओं ने इसे गैर-राजनीतिक आंदोलन बताते हुए कहा कि अब उनका अभियान पूरी तरह छत्तीसगढ़ के छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा.
Raipur, Chhattisgarh: A large number of students gathered at Ambedkar Chowk in Raipur to hold a peaceful protest over state Education Minister Gajendra Yadav's statement regarding the resignation of Union Minister Dharmendra Pradhan pic.twitter.com/1UBdLEAW9M
— IANS (@ians_india) July 26, 2026Also Read
प्रदर्शन का सबसे बड़ा मुद्दा जगदलपुर की 20 वर्षीय छात्रा हरिका राव नायडू का मामला रहा. छात्र नेताओं ने कहा कि पुनर्परीक्षा में कम अंक आने के बाद छात्रा ने 16 जुलाई को आत्महत्या कर ली थी. प्रदर्शनकारियों ने परिवार को मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की.
छात्रों ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार अनियमितताएं सामने आ रही हैं. उन्होंने सरकारी परीक्षाओं में ऑनलाइन नकल, स्कूलों में कुप्रबंधन और उच्च शिक्षा से जुड़ी कमियों को भी गंभीर समस्या बताया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन घटनाओं से छात्रों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है और अब ठोस सुधार की जरूरत है.
रायपुर के अलावा बिलासपुर सहित कई जिलों से छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक जिले का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राज्य के छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल है. उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों के हित में प्रभावी कदम उठाने की मांग की.