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India Daily

बिहार विधानसभा में 7 अहम विधेयक पारित, अब दाखिल-खारिज के लिए देना होगा शुल्क; 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगा जमीन का अधिकार

बिहार विधानसभा ने सात महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए. दाखिल-खारिज के लिए अब 200 देने होंगे, जबकि 15 अगस्त को 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा मिलेगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बिहार विधानसभा में 7 अहम विधेयक पारित, अब दाखिल-खारिज के लिए देना होगा शुल्क; 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगा जमीन का अधिकार
Courtesy: @officecmbihar

बिहार विधानसभा ने मंगलवार को दूसरी पाली की कार्यवाही के दौरान सात महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर दिया. इनमें भूमि, स्वास्थ्य, कर व्यवस्था, जुआ नियंत्रण और चीनी उद्योग से जुड़े संशोधन शामिल हैं. अब इन विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद इन्हें कानून के रूप में लागू किया जाएगा. खास बात यह रही कि बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया, जिससे सरकार को जुए के बदलते स्वरूप पर सख्ती से कार्रवाई करने का कानूनी आधार मिलेगा.

दाखिल-खारिज के लिए अब देना होगा ₹200 शुल्क

बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत अब जमीन की म्यूटेशन प्रक्रिया के लिए 200 रुपये का शुल्क देना होगा. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सदन में कहा कि राज्य के विकास कार्यों और राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम आवश्यक है. विपक्ष ने इसे गरीबों पर अतिरिक्त बोझ बताया, लेकिन सरकार का तर्क रहा कि भूमिहीन परिवारों को सरकार स्वयं जमीन उपलब्ध करा रही है, इसलिए यह शुल्क उन पर प्रभावी नहीं होगा.

15 अगस्त को 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगा बासगीत पर्चा

सरकार ने घोषणा की कि 15 अगस्त के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा वितरित करेंगे. मंत्री ने बताया कि पात्र परिवारों को तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार का दावा है कि यह कदम भूमिहीनों को स्थायी आवासीय अधिकार देने और सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा.

नया जुआ कानून ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक होगा प्रभावी

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि 1867 के पुराने कानून की जगह लाया गया नया जुआ कानून आधुनिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके तहत केवल जुआ खेलने वाले ही नहीं, बल्कि जुआघर संचालक, प्रबंधक, ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म चलाने वाले और ऐसे लेनदेन में सहयोग करने वाले संस्थानों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी. सार्वजनिक स्थानों पर जुआ पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस को बिना वारंट तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार भी मिलेगा.

स्वास्थ्य और कर व्यवस्था में भी बड़े बदलाव

बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक के लागू होने के बाद दूसरे राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर और नर्स स्व-प्रमाणन के आधार पर बिहार में प्रैक्टिस कर सकेंगे. साथ ही, चिकित्सकीय कदाचार के मामलों में पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान भी जोड़ा गया है. इसके अलावा बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को जीएसटी परिषद की सिफारिशों के अनुरूप पारित किया गया, जबकि बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक भी सदन की मंजूरी प्राप्त करने वाले प्रमुख प्रस्तावों में शामिल रहा.