‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर और छात्र प्रदर्शन से जुड़े सवालों पर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमिटी बनाई गई थी. रिपोर्ट में पुलिस की चूक सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई.
सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराधी किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से हो, कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन पुलिस से गलती होने पर उसके खिलाफ भी कदम उठाया जाएगा. उन्होंने बताया कि भरत तिवारी मामले में 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमिटी बनाई गई थी. कमिटी की शुरुआती रिपोर्ट में पुलिस की चूक सामने आई. इसके बाद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और कुछ लोगों को जेल भेजा गया. पुलिस मुख्यालय ने भी जून में मामले में गंभीर चूक स्वीकार करते हुए कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़ी है. उनके मुताबिक परिवार को आर्थिक सहयोग देने की बात कही गई है और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी फैसला बताया गया. सम्राट चौधरी ने कहा कि अब मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के स्तर पर होगी और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करने की आजादी मिलेगी लेकिन उसकी किसी गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.
छात्र आंदोलनों से जुड़े सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ है. परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों की जांच के लिए हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में विशेष कमिटी बनाए जाने की बात उन्होंने कही. सीवान में पेपर लीक के विरोध के दौरान छात्रों को हटाने के लिए AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आया था और संबंधित जवान को निलंबित किया गया था.