Bihar Elections 2025: चुनाव नजदीक आते ही बिहार की सियासत में गर्मी बढ़ गई है. जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने शनिवार को राघोपुर से चुनाव लड़ने के संकेत देते हुए तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती दे दी.
उन्होंने कहा कि अगर वे राघोपुर से चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो तेजस्वी को दो सीटों से लड़ना पड़ेगा, क्योंकि 'उनका हाल राहुल गांधी जैसा होगा, जिन्हें अमेठी से हार का सामना करना पड़ा था.' किशोर का यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी हलकों में हलचल मचा गया है.
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र, जो कभी लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का मजबूत गढ़ रहा है, अब जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के निशाने पर है. किशोर ने कहा कि वे राघोपुर का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों से राय लेकर सीट पर अंतिम फैसला लेंगे. उन्होंने कहा, 'मैं राघोपुर जा रहा हूं, लोगों से मिलूंगा, उनकी राय जानूंगा और फिर पार्टी की केंद्रीय समिति में निर्णय लिया जाएगा.'
यह सीट हमेशा से यादव परिवार की राजनीतिक विरासत का प्रतीक रही है. लालू यादव ने यहां से दो बार जीत दर्ज की, राबड़ी देवी तीन बार और तेजस्वी यादव 2015 व 2020 में इसी सीट से विधायक चुने गए. किशोर का यह कदम तेजस्वी के लिए बड़ा सियासी सिरदर्द साबित हो सकता है.
#WATCH | Raghopur, Bihar: Jan Suraaj Party Founder Prashant Kishor says, "...if I have to contest from Raghopur, the people of Raghopur will have to stand with me. And whatever I've seen and understood today, I'll present it at the party meeting tomorrow. In a day or two, we'll… pic.twitter.com/PKUgEcV485
— ANI (@ANI) October 11, 2025
प्रशांत किशोर ने साफ कहा, 'अगर मैं राघोपुर से चुनाव लड़ूंगा तो तेजस्वी यादव को दो सीटों से उतरना पड़ेगा. उनका हाल वही होगा जो राहुल गांधी का अमेठी में हुआ था.' उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव की याद दिलाई, जब दशकों तक कांग्रेस का गढ़ रहे अमेठी से राहुल गांधी को बीजेपी की स्मृति ईरानी ने हरा दिया था. किशोर के इस बयान को न सिर्फ सियासी चुनौती बल्कि यादव परिवार की राजनीतिक परंपरा को सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है.
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है. इसमें भोजपुरी गायक रितेश पांडे, पूर्व आईपीएस आर.के. मिश्रा और समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर जैसे नाम शामिल हैं. इस सूची में 11 उम्मीदवार पिछड़ी जातियों से, 17 अति पिछड़ी जातियों से, 9 अल्पसंख्यक समुदायों से और बाकी सामान्य वर्ग से हैं. किशोर का दावा है कि पार्टी का मकसद जाति और धर्म से ऊपर उठकर 'विकास आधारित राजनीति' को बढ़ावा देना है.
बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी. राघोपुर से संभावित मुकाबला अगर तेजस्वी बनाम प्रशांत किशोर हुआ, तो यह बिहार की सबसे हाई-वोल्टेज सीट बन सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह लड़ाई सिर्फ दो नेताओं की नहीं बल्कि 'परंपरा बनाम परिवर्तन' की होगी- जिसमें लालू परिवार की विरासत को पीके की नई राजनीति चुनौती दे सकती है.