menu-icon
India Daily

नीतीश कुमार की अंतरात्मा फिर जागी! दिल्ली आए और PM मोदी से बिना मिले निकले पटना, फिर बनेंगे 'पलटू चाचा'?

अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा तभी से नीतीश कुमार का चेहरा थोड़ा मुरझाया हुआ है. नीतीश ने इसके सबसे पहले संकेत तब दिए जब उन्होंने पटना में हुए निवेशकों के सम्मेलन बिहार कनेक्ट से दूरी बना ली. उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया था.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
नीतीश कुमार की अंतरात्मा फिर जागी! दिल्ली आए और PM मोदी से बिना मिले निकले पटना, फिर बनेंगे 'पलटू चाचा'?

जेडीयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली आए. दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदना प्रकट की. यहां तक तो सब ठीक था लेकिन असली खबर ये है कि नीतीश कुमार का इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिलने का कार्यक्रम था लेकिन उन्होंने दोनों में से किसी से भी मुलाकात नहीं की और कुछ ही देर में अब वो पटना के लिए निकल रहे हैं.

इस घटना के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है, लोगों में इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या नीतीश कुमार नए साल के मौके पर बड़ा धमाका करने जा रहे हैं. क्या नीतीश बाबू फिर से पलटी मारने जा रहे हैं?  सीएम नीतीश कुमार का पलटू राम का इतिहास रहा है. हालांकि नीतीश कुमार बार-बार सफाई देते रहे हैं कि अब पिछली गलती नहीं करेंगे और एनडीए में ही रहेंगे लेकिन उनकी बातों पर विपक्ष क्या खुद एनडीए और बीजेपी भरोसा नहीं कर सकती. इंडिया ब्लॉक को तो अब भी उम्मीद है कि नीतीश कुमार पाला जरूर बदलेंगे.

इंडिया ब्लॉक ने दिया था पीएम पद का ऑफर
मालूम हो कि चुनाव के बाद जब बीजेपी पूर्ण बहुमत का आंकड़ा छूने से चूक गई थी और उसे नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की सख्त जरूरत थी तो इंडिया ब्लॉक ने नीतीश कुमार को पीएम पद का खुला ऑफर दिया था. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नीतीश कुमार अब देश के प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब संजोये बैठे हैं. प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा से बिना मिले ही चले जाना क्या इसी बात के संकेत हैं, या इसके पीछे उनकी कुछ मजबूरी रही...लेकिन ये भी सच्चाई है कि जब नीतीश पलटी मारने की कोशिश करते है वह इसी तरह के संकेत देते हैं.

एनडीए के लिए खतरे की घंटी
ऊपर से तो सब कुछ ठीक लग रहा है लेकिन अंदरखाने से खबरें आ रही हैं कि नीतीश कुमार भाजपा नेतृत्व से नाराज हैं. हालांकि नीतीश कुमार ने कभी अपनी जुबान से ये बात नहीं कही.

किस बात को लेकर नाराज हो सकते हैं नीतीश
बता दें कि अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा तभी से नीतीश कुमार का चेहरा थोड़ा मुरझाया हुआ है. नीतीश ने इसके सबसे पहले संकेत तब दिए जब उन्होंने पटना में हुए निवेशकों के सम्मेलन बिहार कनेक्ट से दूरी बना ली. उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया था.

नीतीश सबके हैं
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद विपक्ष ने पोस्टर लगाए थे कि नीतीश सबके हैं. उनकी पलटू राम की छवि को देखते हुए ही ये पोस्टर लगाए गए थे. मौका परस्ती में नीतीश सबके मास्टर रहे हैं. मुख्यमंत्री की कुर्सी बहुत तोड़ ली अब नीतीश बाबू सोच रहे होंगे की नए साल की शुरुआत में कुछ नया कर लिया जाए. बहरहाल नीतीश चाहे इधर रहें या उधर उनकी मौज ही मौज हैं. इधर सीएम की कुर्सी तोड़ रहे हैं और उधर गए तो पीएम की कुर्सी तोड़ेंगे.