कटिहार: बिहार के कटिहार जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने खुलासा किया है कि कैसे एक 75 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या को सियार का हमला दिखाने की कोशिश की.
यह घटना 2 अप्रैल की है, जो आजमनगर इलाके में हुई थी. पहले बताया गया कि यहां अलमपुर दियारा क्षेत्र में मक्के के खेत में घास काटते समय 70 वर्षीय रामनी देवी पर कथित तौर पर एक सियार ने हमला कर दिया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी. इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
उनके पोते ने शुरू में स्थानीय पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने दावा किया था कि यह किसी जानवर का हमला था. इसके तुरंत बाद परिवार ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया था.
हालांकि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और घटनास्थल का दौरा किया. इस मामले में तब एक नाटकीय मोड़ आया, जब FSL टीम को घटनास्थल के पास से एक धारदार चाकू मिला. इस बरामदगी से यह साफ हो गया कि बुजुर्ग महिला की मौत किसी जानवर के काटने से नहीं हुई थी, बल्कि उन पर किसी धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था.
परिवार के सदस्यों से लगातार पूछताछ करने पर आखिरकार सच्चाई सामने आ गई. पुलिस ने बताया कि रामनी देवी के पति, धनेश्वर सिंह ने ही उन पर चाकू से हमला किया था, जब वे दोनों मक्के के खेत में घास काट रहे थे. इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
जांचकर्ताओं को आगे पता चला कि पीड़िता के दो पोतों ने भी इस अपराध को छिपाने में मदद की थी. घटना के बाद उन्होंने हत्या में इस्तेमाल हथियार को उसी मक्के के खेत में छिपा दिया था, ताकि सियार के हमले वाली झूठी कहानी को और पुख्ता किया जा सके. आजमनगर पुलिस ने तीनों आरोपियों पति और दोनों पोतों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया है.
बरसोई के SDPO अजय कुमार ने बताया कि यह हत्या बुजुर्ग दंपति के बीच खेत में काम करते समय हुई आपसी रंजिश का नतीजा थी. उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान चाकू छिपाने में दोनों पोतों की संलिप्तता भी साबित हो गई है. पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों दादा और दोनों पोतों ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है.