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क्या इस्तीफा देने के बाद भी अगले 6 महीने तक सीएम के पद पर बने रह सकते हैं नीतीश कुमार? जानें संविधान का नियम

नीतीश कुमार एमएलसी पद छोड़ने के बाद भी संविधान के नियमों के तहत छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं. उन्हें सितंबर 2026 तक का समय मिल सकता है, जिससे बिहार की राजनीति में अनिश्चितता बनी हुई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या इस्तीफा देने के बाद भी अगले 6 महीने तक सीएम के पद पर बने रह सकते हैं नीतीश कुमार? जानें संविधान का नियम
Courtesy: @NitishKumar X account

पटना: बिहार के CM नीतीश कुमार को 30 मार्च तक विधान परिषद (MLC) के सदस्य पद से इस्तीफा देना होगा. राज्यसभा सदस्य के तौर पर उनका कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होने वाला है. नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य का पद संभालते हुए भी मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रह सकते हैं. 

संविधान के अनुसार कोई भी राजनेता राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य न होते हुए भी छह महीने तक मुख्यमंत्री के पद पर बना रह सकता है. हालांकि उस छह महीने की अवधि के भीतर उन्हें राज्य के किसी एक विधायी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है.

कब तक देना है नीतीश कुमार को इस्तीफा?

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान हुआ था और उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए गए थे. नीतीश कुमार ने 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव जीता. नियमों के मुताबिक उन्हें 14 दिनों के भीतर खास तौर पर 30 मार्च तक अपने MLC पद से इस्तीफा देना जरूरी है. NDA गठबंधन के उम्मीदवारों ने राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की.

कब तक बने रह सकते हैं CM?

इसका मतलब यह है कि MLC पद से हटने के बाद भी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री के तौर पर काम जारी रखने में कोई तकनीकी रुकावट नहीं है. नीतीश कुमार के पास सितंबर 2026 तक का समय है. अगर वह चाहें, तो उस समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रह सकते हैं. वह इस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा. 

हालांकि इन्हीं नियमों का हवाला देते हुए JDU के कई नेताओं ने संकेत दिया है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को शायद कुछ समय के लिए टाला जा सकता है. दूसरे शब्दों में नई सरकार के गठन में देरी हो सकती है.

कौन करेगा नई सरकार का नेतृत्व?

नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा. इस बारे में भी अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है. सूत्रों के अनुसार नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया के दौरान नीतीश कुमार की 'पसंद' पर विशेष रूप से विचार किया जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान नीतीश कुमार ने विभिन्न सार्वजनिक मंचों से कई महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दिए. 

उन्होंने बिहार के वर्तमान गृह मंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा. उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि भविष्य के प्रशासनिक मामलों की देखरेख सम्राट चौधरी ही करेंगे.