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गठबंधन के ताबूत की आखिरी कील साबित होगी पूर्णिया सीट, लालू ने बीमा को दिया सिंबल तो पप्पू ने फिर भरी हुंकार

Lok Sabha Election 2024: बिहार की पूर्णिया सीट से कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने महागठबंधन से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. वहीं, दूसरी तरफ आरजेडी ने इस सीट से बीमा भारती की उम्मीदवारी तय कर दी है.

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India Daily Live

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट को लेकर सियासत गर्म हो चुकी है. पूर्णिया सीट से एक तरफ कांग्रेस नेता पप्पू यादव ताल ठोक रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ आरजेडी ने इस सीट से बीमा भारती की उम्मीदवारी तय कर दी है. पूर्णिया में एक सम्मेलन के दौरान बीमा भारती ने कहा कि पूर्णिया लोकसभा सीट से वह आरजेडी की टिकट पर चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने आगे कहा कि आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सिंबल भी दे दिया है और वह 3 अप्रैल को नामांकन करेगी.

पूर्णिया लोकसभा सीट पर महागठबंधन की ओर से दो नेताओं की तगड़ी दावेदारी है. दोनों ही नेता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में पूर्णिया का लोकसभा चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होता जा रहा है. पप्पू यादव इस सीट से चुनाव लड़ने की जिद पर उतर चुके हैं. सियासी गलियारों में तो इस बात की चर्चा होने लगी है कि पप्पू यादव के पूर्णिया प्रेम में कहीं एनडीए गठबंधन की जीत सुनिश्चित न हो जाए.

भारी मतों से पूर्णिया सीट जीतेंगे- बीमा भारती

पूर्णिया लोकसभा सीट को लेकर महागठबंधन में विवाद के सवाल पर बीमा भारती ने कहा कि कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दलों का उन्हें समर्थन प्राप्त है. पूर्णिया सीट से पप्पू यादव के चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पप्पू यादव भी उनके साथ हैं और इस सीट को हम भारी मतों से जीतेंगे.

पूर्णिया सीट नहीं छोड़ सकते- पप्पू यादव

पूर्णिया लोकसभा सीट को लेकर कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने साफ शब्दों में कहा हम पूर्णिया नहीं छोड़ सकते नेतृत्व को फैसला लेना है मेरा लक्ष्य पूर्णिया है. उन्होंने कहा है कि दुनिया की सभी ताकत एक तरफ हो जाए तो भी मेरे जिंदगी के लिए पूर्णिया एक तरफ है. यानी पप्पू यादव के बातों से यह साफ है वह पूर्णिया से चुनाव लड़ने के लिए बगावत करने को भी तैयार हैं.

क्या है बिहार कांग्रेस अध्यक्ष का रुख

इस पूरे मामले में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के रुख की अगर हम बात करें तो यह चुप्पी साधे हुए हैं. सूत्रों की मानें तो वह लालू प्रसाद यादव के खिलाफ नहीं जाने के मूड में हैं. कहा जाता है कि अखिलेश प्रसाद सिंह के लालू यादव के बीच काफी मधुर संबंध है और शायद यही वजह है कि अखिलेश प्रसाद सिंह चुप्पी साधे हुए हैं.