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Lok Sabha Election 2024: बिहार में रिश्तों से टकराएंगे रिश्ते; चाचा-भतीजे, देवर-भाभी के बीच देखने को मिल सकता है मुकाबला!

Lok Sabha Election 2024 : 2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान फैमिली में चुनावी मुकाबला बड़ा रोचक होने वाला है. यहां चाचा-भतीजे, भाभी- देवर और चाची- भतीजे के बीच चुनावी मुकाबला देखने के लिए मिल सकता है.

Pankaj soni
Edited By: Pankaj Soni
Lok Sabha Election 2024: बिहार में रिश्तों से टकराएंगे रिश्ते; चाचा-भतीजे, देवर-भाभी के बीच देखने को मिल सकता है मुकाबला!

Lok Sabha Election 2024 : बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 में मुकाबला बड़ा ही रोचक होने वाला है. खासकर पासवान परिवार को लेकर. हाजीपुर सीट की मांग को लेकर जिद में अड़े पशुपति पारस ने एनडीएस से इस्तीफा दे दिया है. वह हाजीपुर सीट से सांसद हैं, जिसको वो छोड़ने नहीं चाहते हैं, लेकिन चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान की परंपरागत सीट हाजीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. इससे तो साफ हो गया है कि हाजीपुर में चिराग एक ओर मैदान में हैं.

ऐसे में अगर पशुपति इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो यहां चाचा-भजीते के बीच टक्कर होगी. इसके बाद जमुई सीट से चिराग पासवान वर्तमान में सांसद हैं ऐसे में वह अपनी मां त्नी रीना पासवान को इस सीट से चुनाव लड़वा सकते हैं. चिराग के चचेरे भाई प्रिंस पासवान समस्तीपुर से सांसद हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इन तीनों सीटों पर देवर-भाभी, चाचा-भतीजा, चाची और भतीजे के बीच टक्कर हो सकती है. 

राजनीति में पासवान परिवार को समझें

चिराग पासवान के पिता दिवंगत राम विलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी. उनकी दो पत्नियां थीं एक तो गांव में रहीं. दूसरी पत्नी रीना पासवान हमेशा साथ में रहती थीं. उन्होंने कभी अपनी पत्नियों को राजनीति में प्रवेश नहीं कराया. अपने दोनों भाई रामचंद्र पासवान और पशुपति कुमार पारस को राजनीति में आगे बढ़ाया. घर में चिराग पासवान बड़े बेटे हैं और वहीं रामचंद्र पासवान के दिवंगत होने के बाद उनके बेटे प्रिंस राज पासवान राजनीति में आए.  

राजनीति में उलझा परिवार 

पिता की सीट से सांसद बनने के बाद प्रिंस ने सोशल मीडिया पर चिराग पासवान के साथ तस्वीर शेयर कर लिखा, 'बड़ा भाई पिता के समान होता है, लेकिन, इसके बाद बहुत कुछ बदल गया. दिवंगत राम विलास पासवान की विरासत की लड़ाई में भाई पशुपति कुमार पारस तब भारी पड़े, जब भारतीय जनता पार्टी ने उनको मंत्री बना दिया. पारस का समय ठीक रहा तो उनके साथ लोक जनशक्ति पार्टी के 4 सांसद आ गए, लेकिन चिराग पासवान अकेले रह गए. हाल ही में नीतीश एनडीए से बाहर हो गए तो चिराग की वापसी हुई. भाजपा ने पशुपति पारस को किनारे छोड़ रामविलास पासवान के बेटे को पांच सीटें चुनाव लड़ने के लिए दे दी. 

2024 का चुनाव क्यों होने वाला है रोचक

आखिर लोकसभा चुनाव 2024 के पहले एक बार फिर से चिराग और पशुपति पारस दोनों का समय बदला है. पशुपति एनडीए से खुद बाहर हुए हैं इसके पीछे वजह चिराग की जोरदार इंट्री है. अब गठबंधन में जाकर पारस हाजीपुर से चुनाव लड़ सकते हैं. वहीं प्रिंस अगर गठबंधन में गए तो चिराग की मां जमुई से लड़ सकती हैं या फिर वह समस्तीपुर से मैदान में उतर सकती हैं. ऐसे में इस बार बिहार में खासकर पासवान परिवार में रिश्तों में चुनावी लड़ाई देखने के लिए मिलने वाली है.