अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. जो अमेरिका शुरुआत में ईरानियों की रक्षा का दावा कर रहा था, अब खुलकर ईरान के खिलाफ चेतावनी दे रहा है. स्टैट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है. इसके साथ मौत के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे में होर्मुज पूरी तरह खोल नहीं दिया गया तो ईरान के बड़े पावर प्लांट पर हमला किया जाएगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका सबसे बड़ा पावर प्लांट से शुरू करेगा, यह धमकी बहुत सख्त है. ईरान ने ट्रंप के इस चेतावनी पर तंज के साथ जवाब दिया है.
ईरान के मिलिट्री मीडिया हैंडल ने एक्स पर पोस्ट किया. इसमें लिखा था कि हमें लगा था अमेरिका हमारे देश की आजादी के लिए आया है, लेकिन अब आप होर्मुज को आजाद करने की कोशिश में लगे हैं. ईरान ने चेतावनी दी कि अगर हमारे पावर प्लांट पर हमला हुआ तो पूरे खाड़ी इलाके में अंधेरा छा जाएगा. इस युद्ध के चौथे हफ्ते में भी ईरान झुकने को तैयार नहीं नजर आ रहा है. ईरान ने इस युद्ध में बड़ा कदम उठाया है.
उसने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान द्वारा यह हमला 4 हजार किलोमीटर दूर तक पहुंचने वाली मिसाइल से किया गया. पहले ईरान 2-3 हजार किमी रेंज वाली मिसाइलों का इस्तेमाल करता था. अब उसकी क्षमता बढ़ गई है. हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक दोनों मिसाइलें लक्ष्य पर नहीं लगीं, एक बीच में फेल हो गई. दूसरी को अमेरिकी जहाज ने रोक लिया. ब्रिटेन ने इसे लापरवाह हमला बताया.
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किए इस अभियान को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है. इसका मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड, संचार नेटवर्क और नौसेना को तबाह करना है. अमेरिका का दावा है कि ईरान की वायुसेना और नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है. लेकिन फिर भी ईरान ने जवाबी हमले किए. उसने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलें दागीं, कई लोग घायल हुए. कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह नाकाम हो गए हैं. ट्रंप इसे छोटा सैन्य अभियान बता रहे हैं, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं. पिछले 22 दिनों में बमबारी जारी है. मौत का आंकड़ा 1,500 से ज्यादा हो चुका है. ईरान के लिए यह अब अस्तित्व की लड़ाई बन गई है. वहीं इस लड़ाई के कारण विश्व भर में तेल के दाम बढ़ते जा रहे हैं.