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बिहार कांग्रेस की समीक्षा बैठक बनी जंग का अखाड़ा, कार्यकर्ताओं और नेताओं में जमकर चले लात घुसे; सामने आया वीडियो

बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई. मधुबनी में समीक्षा बैठक के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

Kanhaiya Kumar Jha
बिहार कांग्रेस की समीक्षा बैठक बनी जंग का अखाड़ा, कार्यकर्ताओं और नेताओं में जमकर चले लात घुसे; सामने आया वीडियो
Courtesy: X/@Mukesh_Journo

पटना: बिहार विधासनभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में व्याप्त असंतोष और अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है. एक तरफ जहां पार्टी आलाकमान स्थानीय स्तर के नेताओं से पार्टी को मिली करारी हार की वजह जानना चाह रहे हैं और उसमें सुधार की कोशिश की बात कह रहे हैं, वही स्थानीय स्तर के नेताओं में आपसी कलह खुलकर देखने को मिल रहा है, जिससे पार्टी की संगठनात्मक मजबूती पर तमाम तरह के सावल खड़े हो रहे हैं.

ताजा मामला बिहार के मधुबनी जिले का है, जहां विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद चुनावी प्रदर्शन को लेकर जिला स्तरीय कांग्रेस नेताओं की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. बैठक की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन जैसे ही टिकट वितरण और रणनीति पर चर्चा शुरू हुई, माहौल गरमाने लगा. कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर टिकट बंटवारे में गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगाए. इसके बाद बैठक का माहौल नियंत्रण से बाहर होने लगा.

बहस से मारपीट तक मामला पहुंचा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोप-प्रत्यारोप के बीच पहले तीखी बहस हुई. आवाजें ऊंची होने लगीं और देखते ही देखते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुट आमने सामने आ गए. कुछ ही पलों में धक्का मुक्की शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई. कुर्सियां खिसकती दिखीं और कई लोग एक दूसरे पर हाथ उठाते नजर आए. बैठक स्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया.

वीडियो वायरल होने से बढ़ी किरकिरी

इस पूरे घटनाक्रम को बैठक में मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे. पार्टी की हार के बाद सार्वजनिक रूप से इस तरह का टकराव सामने आना कांग्रेस के लिए नई मुश्किल खड़ी करता दिख रहा है. विपक्षी दलों ने भी इस वीडियो को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया.

वरिष्ठ नेता रहे मौके पर मौजूद

इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान भी मौजूद थे. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब बैठक में हंगामा और मारपीट हो रही थी, तब दोनों नेता अपनी सीटों पर बैठे रहे. तत्काल कोई सख्त हस्तक्षेप नहीं होने के कारण विवाद और बढ़ गया. कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर समय पर हस्तक्षेप होता, तो हालात इतने नहीं बिगड़ते.

पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष

घटना के बाद शकील अहमद खान ने कहा कि यह गंभीर विश्लेषण का विषय है कि ऐसी स्थिति क्यों बनी. उन्होंने माना कि पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और समीक्षा बैठकों का उद्देश्य आत्ममंथन होना चाहिए, न कि आपसी टकराव. बिहार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पहले से दबाव में है. ऐसे में मधुबनी की यह घटना पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व की चुनौती को साफ तौर पर उजागर करती है.