बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्मदिन इस बार खास अंदाज में मनाया जा रहा है. राज्य सरकार ने इसे सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए बड़ा निर्णय लिया है. आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को मुफ्त पोशाक देने की शुरुआत की जा रही है. यह पहल न केवल बच्चों को सहूलियत देगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के रोजगार को भी मजबूती देगी. सरकार इसे समानता और सम्मान की दिशा में अहम कदम मान रही है.
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर राज्य के 51 लाख आंगनबाड़ी बच्चों को दो-दो सेट पोशाक देने की योजना बनाई गई है. पहले चरण में प्रत्येक बच्चे को एक सेट मिलेगा, जबकि दूसरे चरण में शेष बच्चों को पोशाक दी जाएगी. बाद में सभी को दूसरा सेट भी प्रदान किया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह केवल वस्त्र वितरण नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल है.
इस योजना की औपचारिक शुरुआत पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और बगहा से की जाएगी. ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि सभी जिलों के डीपीएम और बीपीएम को तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. जिलाधिकारियों को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि वितरण पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो सके.
इन पोशाकों को जीविका दीदियों ने तैयार किया है. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी. हर पोशाक में उनकी मेहनत और संवेदनशीलता झलकती है. मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी बच्चे राज्य की पहली पाठशाला के विद्यार्थी हैं और उनके सपनों को संवारना सरकार की जिम्मेदारी है. यह पहल सम्मान और बराबरी का संदेश भी देती है.
इस मौके पर 'सात निश्चय पार्ट 3' की योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई. सरकार दोगुना रोजगार और दोगुनी आय के लक्ष्य पर काम कर रही है. युवाओं को नौकरी और महिलाओं को रोजगार देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. चीनी मिलों के संचालन और नई मिलों की स्थापना की भी घोषणा की गई है.
कृषि रोडमैप, मखाना और डेयरी उत्पादों को बढ़ावा, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे कदम भी प्राथमिकता में हैं. सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और फिल्म सिटी निर्माण की योजना पर काम जारी है. साथ ही सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का कहना है कि जनता से सीधा संवाद कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा.