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India Daily

बिहार के इस जिले में बनेगा विराट रामायण मंदिर, परिसर में 22 अन्य मंदिर भी होंगे शामिल; जानें प्रोजेक्ट की खासियत

मोतिहारी के कैथवालिया (केसरिया) में बन रहा विराट रामायण मंदिर विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर होगा. इस महीने मंदिर परिसर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जा रहा है, जो तमिलनाडु से विभिन्न राज्यों होते हुए सहस्त्रलिंगम के रूप में पहुंचा है.

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Edited By: Princy Sharma
बिहार के इस जिले में बनेगा विराट रामायण मंदिर, परिसर में 22 अन्य मंदिर भी होंगे शामिल; जानें प्रोजेक्ट की खासियत
Courtesy: X @BiharInfraTales

मोतिहारी: पूर्वी बिहार के मोतिहारी जिले में एक भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक प्रोजेक्ट आकार ले रहा है. केसरिया ब्लॉक के कठवलिया गांव में लगभग 120 एकड़ जमीन पर विराट रामायण मंदिर बनाया जा रहा है. पूरा होने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर और भारत और विदेश के भक्तों के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल बनने की उम्मीद है.

मंदिर परिसर में मुख्य रामायण मंदिर के साथ-साथ 22 अन्य मंदिर भी होंगे. कुल मिलाकर, इसमें 18 ऊंचे शिखर होंगे, जो इस संरचना को वास्तुकला की दृष्टि से अद्वितीय बनाएंगे. मुख्य मंदिर खुद बहुत बड़ा होगा, जिसकी लंबाई लगभग 1,080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी. सबसे ऊंचा मुख्य शिखर 270 फीट तक ऊंचा होगा, जबकि अन्य शिखर 180 फीट, 135 फीट, 108 फीट और 90 फीट की ऊंचाई के होंगे.

विराट रामायण मंदिर

विराट रामायण मंदिर का निर्माण पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है. ट्रस्ट के सचिव सायन कुणाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2030 तक पूरी तरह से पूरा होने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी बताया कि यह मंदिर उनके दिवंगत पिता, आचार्य कुणाल किशोर का ड्रीम प्रोजेक्ट था. कई प्रमुख निर्माण कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं, जिनमें प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी प्रतिमा क्षेत्र, शिवलिंग क्षेत्र और गर्भगृह की नींव का काम शामिल है.

प्रोजेक्ट की खासियत

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियतों में से एक मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना है. इस विशाल शिवलिंग का वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है और इसे विशेष रूप से महाबलीपुरम, तमिलनाडु में बनाया गया है. पूरा होने के बाद, इसे 21 नवंबर को भेजा गया और यह आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश से होते हुए गोपालगंज के रास्ते बिहार पहुंचा. सोमवार को यह केसरिया, मोतिहारी पहुंचा, जहां इसके दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा हुई.

कब शुरू होगी तैयारी? 

शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ की जाएगी. तैयारियां 15 जनवरी तक पूरी हो जाएंगी. शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है. पवित्र जल पांच प्रमुख तीर्थ स्थलों हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर और सोनपुर से लाया गया है. यह शिवलिंग एक 'सहस्रलिंगम' है, जिसका मतलब है कि यह एक साथ 1,008 शिवलिंगों के प्रतीकात्मक अभिषेक को दिखाता है. पटना से लगभग 120 किमी दूर स्थित विराट रामायण मंदिर बिहार में आस्था, संस्कृति और धार्मिक पर्यटन का एक लैंडमार्क बनने वाला है.