पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि आज के डिजिटल दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का उपयोग किए बिना विकास की गति बनाए रखना मुश्किल होगा. उन्होंने मंत्रियों, विधायकों, विधान पार्षदों और अधिकारियों से एआई के उपयोग को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी एआई फ्रेंडली बनें. उनका कहना है कि नई तकनीक का बेहतर उपयोग शासन और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकता है.
मुख्यमंत्री विधानसभा में आयोजित एक प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम विधायकों और विधान पार्षदों को एआई की उपयोगिता और मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत परियोजना निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया.
सम्राट चौधरी ने कहा कि करीब 20 से 25 वर्ष पहले कंप्यूटर का उपयोग सीमित था, लेकिन आज एआई और डिजिटल तकनीक शासन, प्रशासन और विकास की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है. उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, लागत का अनुमान लगाने और योजनाओं की निगरानी करने में एआई एक उपयोगी माध्यम साबित हो सकता है. इससे कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए भी एआई और डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करें. उन्होंने सुझाव दिया कि जनप्रतिनिधियों और उनके सहयोगियों को समय समय पर एआई, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि वे आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें.
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि बदलते समय के साथ जनप्रतिनिधियों की भूमिका अधिक ज्ञान आधारित होती जा रही है. इसी उद्देश्य से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह भी मौजूद रहे.
पहले सत्र में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा पीएमएस वेब पोर्टल की जानकारी दी. दूसरे सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विशेषज्ञों ने एआई के विभिन्न उपयोगों पर प्रस्तुति दी और जनप्रतिनिधियों के सवालों के जवाब भी दिए.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई में आयोजित एक एआई सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एआई और सीसीटीवी तकनीक से जुड़ा एक बयान चर्चा और विवाद का विषय बना था. उस बयान पर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी. हालांकि इस बार मुख्यमंत्री ने एआई के उपयोग को विकास, प्रशासन और जनसेवा से जोड़ते हुए इसके व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया.