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इच्छा नहीं थी, अटल के कहने पर पॉलिटिक्स में आए; ऐसे ही 'सुशील' नहीं बने थे 'मोदी'

Sushil Modi Passes Away: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी का सोमवार देर शाम दिल्ली AIMMS में निधन हो गया. सुशील मोदी कैंसर से जूझ रहे थे. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने एक्स पोस्ट में खुद के कैंसर से पीड़िता होने की जानकारी दी थी.

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Sushil Modi Passes away nitish kumar Tributes

Sushil Modi Passes Away: साल 1973 बिहार के पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव चल रहे थे. चुनाव के नतीजे सामने आए, तो एक साधारण परिवार का लड़का महासचिव चुना जाता है. कहा जाता है कि छात्रसंघ महासचिव चुने जाने के बाद साधारण परिवार का वो लड़का राजनीति में उतना ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं लेता था. किसी ने कहा कि राजनीति के मेन स्ट्रीम में आइए, तो उन्होंने साफ-साफ मना कर दिया. उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को भी त्याग दिया. कहा जाता है कि ऐसा करने के पीछे उस लड़के को 'आशंका' थी कि कहीं मैं असफल हो गया तो? 

हालांकि, इस लड़के का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ बना रहा. पटना यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ महासचिव चुने जाने के करीब 14 साल बाद यानी 1987 सुशील मोदी की शादी हुई. इस शादी में अटल बिहार वाजपेयी भी शामिल हुए. कहा जाता है कि अटलजी ने जब इस साधारण परिवार के लड़के से राजनीति में आने की अपील, तो वे मना नहीं कर पाए. करीब 3 साल बाद यानी 1990 में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले पटना सेंट्रल सीट से चुनावी मैदान में उतार दिया. पहले ही बार में साधारण से लड़के ने तत्कालीन कांग्रेस विधायक अकील हैदर को हरा दिया. फिर ये लड़का बिहार का 'मोदी' बन गया. कहा जाता है कि इसी वक्त से उन्हें बिहार भाजपा का 'संकटमोचक' कहा जाने लगा.

हम बात कर रहे हैं सुशील मोदी की. हालांकि, जीवन के आखिरी पड़ाव में सुशील मोदी कैंसर के खिलाफ जंग से हार गए. सोमवार देर शाम दिल्ली के AIMMS में उन्होंने आखिरी सांस ली. 3 अप्रैल को उन्होंने खुद एक्स पोस्ट कर कैंसर से जंग की जानकारी दी थी.

अकेले संभाली कमान, अकेले किया राजद का मुकाबला

1996 में बिहार विधानसभा में यशवंत सिन्हा विपक्ष के नेता हुआ करते थे. इसी साल उन्होंने विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा दे दिया था. फिर सुशील मोदी ने सत्ता पक्ष यानी राजद के खिलाफ कमान संभाली और अकेले ही लालू यादव की पार्टी से मुकाबला किया. सुशील मोदी बिहार के चर्चित चारा घोटाले में 5 याचिकाकर्ताओं में से एक थे. इस मामले में लालू प्रसाद को दोषी करार दिया जा चुका है.

सुशील मोदी ने पटना साइंस कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएट थे. जेपी आंदोलन में शामिल होने के कारण सुशील मोदी अपनी मास्टर डिग्री पूरी नहीं कर सके थे. वे 1977 में आरएसएस के प्रचारक बने और दो बार एबीवीपी के सर्वोच्च राष्ट्रीय महासचिव पद पर रहे.

30 सालों से अधिक का राजनीतिक अनुभव

3 दशकों से अधिक समय तक राजनीति का अनुभव रखने वाले सुशील मोदी ने विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद समेत विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा किया. वे दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे. पहली बार 2005 से 2013 तक और दूसरी बार 2017 से 2020 तक. 

1990 में पटना सेंट्रल विधानसभा सीट से जीत के बाद सुशील मोदी को भाजपा विधायक दल का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया. 1996 से 2004 तक उन्होंने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में काम किया. 2004 में वे,भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे. सुशील मोदी 2020 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे.

नीतीश कुमार से बेहतर तालमेल, हर बार बिहार भाजपा के बने संकटमोचक

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुशील मोदी के रिश्ते काफी अहम रहे हैं. दोनों नेताओं ने कई सालों तक साथ मिलकर काम किया. 2005 में जब जेडीयू और बीजेपी ने विधानसभा चुनाव जीता था, तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री घोषित किया गया था. सुशील मोदी उस समय लोकसभा सांसद थे. तब डिप्टी सीएम बनने के लिए उन्होंने सांसदी से त्यागपत्र दे दिया और बिहार विधान परिषद के सदस्य बन गए. मोदी करीब 11 सालों तक बिहार के डिप्टी सीएम रहे. 

2020 में जब भाजपा ने सुशील कुमार मोदी को राज्यसभा में भेजा, तो नीतीश कुमार ने अपने दिल की बात बताई और कहा कि वे उन्हें अपनी टीम में कितना पसंद करते. नीतीश कुमार ने कहा था कि हमने कई वर्षों तक एक साथ काम किया है. हर कोई जानता है कि मैं क्या चाहता था (मोदी को अपनी टीम में रखने के बारे में). हालांकि, पार्टियां अपने फैसले खुद लेती हैं. वे उन्हें बिहार के बजाय केंद्र ले जा रहे हैं. हम उनके लिए खुश हैं.

2022 में जब नीतीश कुमार ने राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों वाले महागठबंधन में शामिल होने के लिए भाजपा से नाता तोड़ लिया, तो नीतीश कुमार ने एक बयान दिया और कहा कि अगर सुशील मोदी उपमुख्यमंत्री होते, तो ऐसी स्थिति नहीं आती. 

सुशील मोदी के निधन पर किसने क्या कहा?

  • नीतीश कुमार ने कहा कि ये मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. जेपी आंदोलन के दौरान हम साथ थे. उनके निधन से देश के साथ-साथ बिहार के राजनीतिक क्षेत्र में भी एक शून्य पैदा हो गया है. 
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सुशील मोदी का आकस्मिक निधन एक अपूरणीय क्षति है. उनका सौम्य स्वभाव, एक कुशल प्रशासक के रूप में योगदान और सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा उनके व्यक्तित्व और कार्य में परिलक्षित होती थी. बिहार के उपमुख्यमंत्री, संसद सदस्य और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य के रूप में सुशील कुमार मोदी ने उच्च आदर्शों को बरकरार रखा. 
  • उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि सुशील मोदी का असामयिक निधन देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ी क्षति है. एक सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री के रूप में सुशील मोदी राजनीतिक मर्यादा में विश्वास करते थे और हमेशा शालीनता और मर्यादा का उदाहरण देते थे. उनके संसदीय योगदान को सदैव याद रखा जाएगा.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा में मेरे मूल्यवान सहयोगी और दशकों तक मेरे मित्र रहे सुशील मोदी के असामयिक निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. बिहार में बीजेपी के उत्थान और सफलता में उनकी अमूल्य भूमिका रही है, प्रशासक के तौर पर भी उन्होंने काफी सराहनीय काम किया.
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज बिहार ने राजनीति के एक महान पुरोधा को हमेशा के लिए खो दिया है. एबीवीपी से लेकर बीजेपी तक सुशील जी संगठन और सरकार में कई अहम पदों को सुशोभित कर चुके हैं. उनकी राजनीति गरीबों और पिछड़ों के हितों को समर्पित थी. उनके निधन से बिहार की राजनीति में जो शून्यता आयी है, उसे लंबे समय तक नहीं भरा जा सकता.
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुशील मोदी का लंबा सार्वजनिक जीवन लोगों की सेवा के लिए समर्पित था. बिहार के विकास के लिए उनके काम को हमेशा याद किया जाएगा.
  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सुशील मोदी के प्रयास बिहार को जंगल राज से बाहर लाने में बहुत मददगार रहे हैं.
  • बिहार के पूर्व सीएम और राजद संरक्षक लालू प्रसाद ने सुशील मोदी के साथ अपने पटना विश्वविद्यालय के दिनों को याद किया. उन्होंने कहा कि सुशील मोदी एक जुझारू, समर्पित सामाजिक और राजनीतिक व्यक्ति थे.
  • बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। दिवंगत आत्मा को शांति मिले.
  • कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी सुशील कुमार मोदी के निधन पर शोक व्यक्त किया.
  • पूर्व डिप्टी सीएम और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री, हमारे अभिभावक, संघर्षशील और मेहनती के असामयिक निधन की खबर सुनकर बेहद दुखी हूं. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और दुख की इस घड़ी में परिजनों एवं शुभचिंतकों को संबल प्रदान करें.