Bihar News: बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद से ही वहां के अल्पसंख्यक भारत में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सरकार ने अपने इंटनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा बढ़ा दी है. इन सबके बीच बिहार के मुजफ्फरपुर में एक 'इंटरनेशनल' बिखारी पुजारी की भेष में पकड़ा गया. उसके पास से कई देशों की करेंसी मिली. पकड़े जाने के बाद जब उसने खुद को बांग्लादेश बताया तो हड़कंप मचा गया. दरअसल, उसने पिटाई की डर से खुद को बांग्लादेशी बताया. लोगों ने तुरंत भिखारी को पुलिस के हवाले किया. पुलिस ने इस मामले की जांच की तो सच कुछ और ही निकला.
मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक इलाके में सामाजिक संगठन के लोगों ने एक साधू को बांग्लादेशी नागरिक होने की शक में पकड़ा था. डर से साधू ने अपने आपको बांग्लादेश का एक मुसलमान बताया.
पुलिस ने जब पकड़े गए साधू से गहनता से पूछताछ की तो उसने खुद ही सच बता दिया. दरअसल, पकड़े गए भिखारी ने खुद को पीटे जाने के डर से अपना नाम यूसुफ बताया था. उसने लोगों से कहा कि वह बांग्लादेश से है. लेकिन पुलिस से उनसे बताया कि वह दक्षिणी दिल्ली का रहने वाला एक भिखारी है. भीख मांगते-मांगते वह बिहार के मुजफ्फरपुर चला आया था. उसेक बांग्लादेशी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला.
भिखारी के पास कई देशों की करेंसी भी मिली. हालांकि, करेंसी बहुत कम ही थी. पुलिस ने अंदाजा लगाया कि दिल्ली में भीग मांगते वक्त विदेशी नागरिकों ने उसे अपने देश की करेंसी दान में दे दी होगी.
इस खबर के सोशल मीडिया पर फैलने से हड़कंप मच गया. बांग्लादेश में अशांति के बीच इस मामले की जांच गहराई से की गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गहराई से पूछताछ करने के बाद निजी मचुलके के पर भिखारी को छोड़ दिया गया.