नई दिल्ली: भारत के तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद जहां देशभर में जश्न का माहौल है, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में क्रिकेट को लेकर अलग तरह की चर्चा चल रही है. पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पाकिस्तान क्रिकेट भारत से इतना पीछे क्यों रह गया है. इस बीच पाकिस्तान के एक युवा क्रिकेटर ने पाकिस्तान क्रिकेट को छोड़ने का फैसला करके सबको चौंका दिया है.
24 वर्षीय क्रिकेटर शाहजायब भट्टी ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. उन्होंने पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट ढांचे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां राजनीति, भ्रष्टाचार और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई खिलाड़ियों का करियर बर्बाद हो रहा है.
सियालकोट में जन्मे शाहजायब भट्टी पाकिस्तान के उभरते हुए खिलाड़ियों में गिने जाते थे. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि महज 24 साल की उम्र में पाकिस्तान क्रिकेट को छोड़ना उनके लिए बेहद कठिन फैसला है, लेकिन हालात ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर दिया.
I AM LEAVING PAKISTAN CRICKET FOREVER 💔 pic.twitter.com/RoPcd3Gd1H
— Shahzaib Bhatti (@shahzaibcric) March 8, 2026Also Read
- 'और मुस्कुराने की सबसे बड़ी वजह...', धोनी के पोस्ट पर कोच गंभीर ने दिया ऐसा रिएक्शन, फैंस हो गए कायल
- मुश्किल वक्त में सिर्फ जय शाह...वीडियो में देखें कैसे टी20 वर्ल्ड कप जीत पर भावुक हुए गौतम गंभीर; इन लोगों को समर्पित की ट्रॉफी
- भारत की जीत के बाद हार्दिक पांड्या ने 'लेडी लक' को दिया जीत का क्रेडिट, GF माहिका शर्मा पर लुटाया प्यार
“अलविदा पाकिस्तान क्रिकेट. 24 साल की उम्र में मैं पाकिस्तान क्रिकेट को छोड़ रहा हूं. पिछले साल मैंने कायदे आजम ट्रॉफी का फाइनल जीता था, जिसे पूरे देश ने टीवी पर देखा. लेकिन इसके बाद से करीब 40 मैचों में मुझे बेंच पर बैठाया गया. मेरा सपना पाकिस्तान के लिए खेलना था, लेकिन सिस्टम की राजनीति और भ्रष्टाचार ने मेरे और कई अन्य खिलाड़ियों के करियर को खत्म कर दिया.”
शाहजायब भट्टी ने पिछले साल कायदे आजम ट्रॉफी 2024-25 के फाइनल में सियालकोट रिजन की ओर से खेलते हुए अहम भूमिका निभाई थी. उस मुकाबले में सियालकोट रिजन ने पेशावर रिजन को एक विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था. फाइनल मैच में भट्टी ने नाबाद 32 रन बनाकर अपनी टीम को रोमांचक जीत दिलाई थी. उनकी इस पारी को मैच का टर्निंग पॉइंट माना गया था. इसके बावजूद उन्हें आगे के मुकाबलों में लगातार नजरअंदाज किया गया.
युवा खिलाड़ी का कहना है कि अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें लगातार टीम से बाहर रखा गया. इससे उनका मनोबल टूटता चला गया. सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि शाहजायब भट्टी ने गेंदबाजी में भी अपनी क्षमता दिखाई थी. दिसंबर 2024 में खेले गए एक रेड बॉल मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 236 रन देकर 5 विकेट लिए थे.
उनके इस प्रदर्शन की काफी चर्चा हुई थी और कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने उन्हें भविष्य का संभावित स्टार भी बताया था. लेकिन भट्टी का आरोप है कि घरेलू क्रिकेट के सिस्टम में प्रतिभा से ज्यादा राजनीति और सिफारिश चलती है. भट्टी के इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट के घरेलू ढांचे पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले भी कई खिलाड़ी और पूर्व क्रिकेटर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उसके सिस्टम की आलोचना कर चुके हैं.
कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि अगर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोबारा मजबूती हासिल करनी है तो उसे अपने घरेलू क्रिकेट ढांचे को पूरी तरह सुधारना होगा. फिलहाल, शाहजायब भट्टी का पाकिस्तान क्रिकेट को अलविदा कहना इस बात का संकेत है कि वहां कई युवा खिलाड़ी सिस्टम से निराश हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.