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‘बीवी-बच्चे ही क्रिकेटरों को रिटायर....' बयान देकर फिर विवादों में फंसे योगराज सिंह

68 वर्षीय योगराज ने एक लिंगभेदपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्नियां और बच्चे ही क्रिकेटरों के प्रोफेशनल करियर को अलविदा कहने का मुख्य कारण हैं. ये कहकर एक बार फिर से वह विवादों से घिर गए हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
‘बीवी-बच्चे ही क्रिकेटरों को रिटायर....' बयान देकर फिर विवादों में फंसे योगराज सिंह
Courtesy: X (@Tejashyyyyy) & ANI

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अपनी बेबाकी और बिना सोचे-समझे बोलने के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर ही अपने बयानों के लिए सुर्खियों में बने रहते हैं. हालांकि अपनी इन आदतों के कारण उन्हें कई बार मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है. इतना नहीं बल्कि कई बार तो उन्हें ट्रोल भी किया जाता है. एक बार फिर से वह अपने हालिया बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं.

हाल ही में, 68 वर्षीय योगराज ने एक लिंगभेदपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्नियां और बच्चे ही क्रिकेटरों के प्रोफेशनल करियर को अलविदा कहने का मुख्य कारण हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उम्र का किसी खिलाड़ी की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ता है 

बीवी-बच्चों के कारण क्रिकेट को अलविदा.....

पूर्व क्रिकेटर एक बार फिर से अपने अजीबो गरीब बयान के कारण चर्चा का विष बने हुए हैं. उन्होंने फिर से कुछ ऐसा कह दिया है जिस कारण उन्हें ट्रोल किया जा रहा है. दरअसल उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी अपने प्रोफेशनल क्रिकेट करियर का अंत अपनी बीवियों और बच्चों के कारण करते हैं. उन्होंने कहा कि, 'मैंने भारत में लोगों को यह कहते सुना है, ‘हम 40 साल के बाद बूढ़े होने लगते हैं.’ उनका मानना है कि महिलाओं को खिलाड़ी और उसके करियर के बीच नहीं आना चाहिए.

योगराज ने आगे कहा कि, 'महिलाएं अक्सर कहती हैं कि अब रिटायर होने का समय आ गया है, परिवार और बच्चों की देखभाल करने का समय आ गया है. इसलिए मेरा मानना ​​है कि महिलाओं को किसी एथलीट के महान भविष्य के बीच नहीं आना चाहिए.'

रोहित-कोहली को कही बड़ी बात

योगराज यहीं नहीं रुके उन्होंने हिटमैन रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने कहा कि उम्र उनके करियर में कोई मायने नहीं रखती. अगर वे रन बनाते रहे तो वनडे में भारतीय प्लेइंग इलेवन से उन्हें कोई बाहर नहीं कर सकता. खेलने के लिए केवल काबीलियत मायने रखती है और कुछ भी नहीं.'