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India Daily

पहलवानों का सरकार से न्याय मांगने का जोरदार प्रदर्शन, विनेश फोगाट ने कर्तव्य पथ पर रखे खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड

विनेश का कहना है कि जब पहलवानों को न्याय नहीं मिल रहा है तो इन सम्मानों का कोई मतलब नहीं रह गया

Antriksh Singh
Edited By: Antriksh Singh
पहलवानों का सरकार से न्याय मांगने का जोरदार प्रदर्शन, विनेश फोगाट ने कर्तव्य पथ पर रखे खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड

भारतीय कुश्ती जगत में बवाल मचा हुआ है! पहलवानों ने अन्याय के खिलाफ बड़ा विरोध किया है. देश की मशहूर पहलवान विनेश फोगाट ने अपने सबसे बड़े सम्मान खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड सड़क पर रख दिए हैं. वे सरकार से न्याय की मांग कर रही हैं.

क्यों हुआ ये विरोध?

कुछ समय पहले कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष बने संजय सिंह का विनेश समेत कई पहलवानों ने उनका विरोध किया. संजय सिंह, पुराने अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं. ब्रज भूषण पर महिला पहलवानों को परेशान करने के आरोप हैं.

पहलवानों ने सरकार से मांग की कि वह संजय सिंह को हटाए और उनके खिलाफ कार्रवाई करे. सरकार ने कुश्ती संघ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. लेकिन पहलवानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. साक्षी मलिक ने संन्यास ले लिया और बजरंग पूनिया ने अपना पद्म श्री लौटा दिया.

विनेश ने क्यों रखे अवॉर्ड सड़क पर?

विनेश ने कहा कि देश के पहलवान जब न्याय के लिए तरस रहे हैं तो इन अवॉर्डों का कोई मतलब नहीं. उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसलिए उन्होंने अपने अवॉर्ड बीच सड़क पर रख दिए.

क्या हो रहा है अब?

बजरंग पूनिया ने सरकार से अपील की है कि वह जल्दी से जल्दी कुश्ती गतिविधियों को फिर से शुरू करे. उन्होंने कहा कि 7 महीने में ओलंपिक हैं, लेकिन अभी तक कोई तैयारी नहीं हो रही है.

सरकार ने कुश्ती संघ को निलंबित कर दिया है और ओलंपिक संघ को यह जिम्मेदारी दी है कि वह कुश्ती का कामकाज देखे.

क्या होगा आगे?

देखना होगा कि सरकार पहलवानों की मांगों को मानती है या नहीं. क्या वह कुश्ती में सुधार ला पाएगी? क्या पहलवानों को न्याय मिलेगा?