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त्रिशूल, डमरू और अर्धचंद्र से सजा वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम... तस्वीरें देखकर आंखों पर नहीं होगा यकीन

वाराणसी में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम अपनी अनोखी वास्तुकला से खास पहचान बनाने वाला है. शिव के प्रतीकों से प्रेरित यह मैदान 30 हजार दर्शकों की क्षमता से तैयार हो रहा है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
त्रिशूल, डमरू और अर्धचंद्र से सजा वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम... तस्वीरें देखकर आंखों पर नहीं होगा यकीन
Courtesy: X (@ImTanujSingh)

काशी की पहचान अब सिर्फ घाटों, गंगा आरती और धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रहने वाली है. वाराणसी में तैयार हो रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम शहर की पहचान में खेल का नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. भगवान शिव से प्रेरित इसकी डिजाइन इसे दूसरे क्रिकेट मैदानों से अलग बनाती है. स्टेडियम में त्रिशूल, अर्धचंद्र, डमरू और बेलपत्र जैसे प्रतीकों को वास्तुकला का हिस्सा बनाया गया है. करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस स्टेडियम का निर्माण अब अंतिम दौर में है.

शिव के प्रतीकों से सजा स्टेडियम

वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम की डिजाइन में भगवान शिव से जुड़े कई प्रतीकों को जगह दी गई है. फ्लडलाइट्स को त्रिशूल का आकार दिया गया है, जबकि छत की बनावट शिव के मस्तक पर मौजूद अर्धचंद्र से प्रेरित है. दर्शक दीर्घा में स्थानीय संस्कृति और काशी की पारंपरिक शैली की झलक दिखाई देगी. इस तरह आधुनिक क्रिकेट सुविधा को शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है.

डमरू जैसा होगा मीडिया सेंटर

Varanasi International Cricket Stadium
वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम की डिजाइन में भगवान शिव से प्रतीकों डमरू, त्रिशूल और अर्ध चंद्र को जगह दी गई है. X

स्टेडियम का मीडिया सेंटर इसकी सबसे आकर्षक विशेषताओं में शामिल है. इसे भगवान शिव के प्रिय वाद्य डमरू के आकार से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. बाहरी हिस्से में लगाई जाने वाली धातु की शीट्स को बेलपत्र की आकृति दी गई है. बेलपत्र शिव पूजा में विशेष महत्व रखता है. डिजाइन के इन तत्वों के जरिए काशी की संस्कृति और आधुनिक खेल ढांचे को एक साथ पेश किया जा रहा है.

30 हजार दर्शक देख सकेंगे मुकाबले

इस स्टेडियम में करीब 30 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी. मैदान में नौ पिचों वाला मुख्य क्रिकेट ग्राउंड तैयार किया जा रहा है, जबकि अभ्यास के लिए पांच पिचों का अलग ग्राउंड होगा. दर्शकों और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं भी बनाई जा रही हैं. परिसर में करीब 1500 वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा प्रस्तावित है, जिससे बड़े मुकाबलों के दौरान आने वाली भीड़ को संभालने में मदद मिलेगी.

अक्टूबर में उद्घाटन की उम्मीद

गंजारी गांव में करीब 30-31 एकड़ जमीन पर बन रहे इस स्टेडियम की आधारशिला 2023 में रखी गई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार निर्माण का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अक्टूबर की शुरुआत में उद्घाटन की उम्मीद है. परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. स्टेडियम को सड़क मार्ग से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.

पहला इंटरनेशनल मैच कब होगा?

स्टेडियम के तैयार होने के बाद क्रिकेट फैंस की नजर इसके पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले पर रहेगी. फिलहाल यह तय नहीं है कि यहां पहला इंटरनेशनल मैच किन टीमों के बीच खेला जाएगा. हालांकि, नए मैदान के शुरू होने से वाराणसी को क्रिकेट के बड़े आयोजनों की मेजबानी का मौका मिल सकता है. काशी की धार्मिक पहचान के बीच आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का यह अनोखा रूप शहर को खेल के नक्शे पर भी नई पहचान देने वाला है.