नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 से पहले भारत ने अपना एकमात्र अभ्यास मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला. इसी मुकाबले ने टीम संयोजन को लेकर बड़ी तस्वीर साफ कर दी. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर उतरी टीम इंडिया ने नतीजे से ज्यादा चयन संकेतों पर ध्यान खींचा.
खासकर ओपनिंग और विकेटकीपर की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई. ईशान किशन की तूफानी पारी ने टीम प्रबंधन के इरादों को लगभग सार्वजनिक कर दिया. हाल ही में खेली गई टी20 सीरीज में ईशान किशन ने जबरदस्त बल्लेबाजी की थी, जबकि संजू सैमसन फ्लॉप साबित हुए थे.
बुधवार को डॉ. डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस अभ्यास मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. ओपनिंग के लिए ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ भेजा गया. यह फैसला बताने के लिए काफी था कि टीम प्रबंधन किस दिशा में सोच रहा है. संजू सैमसन का नाम प्लेइंग रोल में कहीं नजर नहीं आया, जिससे उनके समर्थकों को निराशा हाथ लगी.
ईशान किशन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. लुंगी एनगिडी और एनरिच नॉर्टजे जैसे तेज गेंदबाज भी उनकी लय नहीं तोड़ सके. उन्होंने 20 गेंदों में 53 रन बनाए, जिसमें सात छक्के शामिल थे. एक शानदार पुल शॉट ने स्टेडियम में माहौल बना दिया. रिटायर्ड आउट होने से पहले किशन ने यह जता दिया कि वह पूरी तरह तैयार हैं.
संजू सैमसन के लिए यह संकेत सुखद नहीं हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज में वह ओपनर के तौर पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए. पांच पारियों में उनके बल्ले से सिर्फ 46 रन निकले. इसके उलट किशन ने वापसी के बाद चार पारियों में 215 रन ठोके हैं.
विश्व कप के शुरुआती मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ भारत इसी संयोजन के साथ उतर सकता है. ईशान किशन की फॉर्म टीम के लिए बड़ा हथियार बन सकती है. वहीं संजू सैमसन के लिए इंतजार और लंबा होता दिख रहा है. चयन की यह कहानी एक बार फिर बताती है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौके सीमित और प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है.