नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लेते हुए सूर्यकुमार यादव को टी-20 की कप्तानी से हटा दिया है. गौरतलब है कि उनकी ही कप्तानी में टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम किया था. लेकिन लगातार मैचों में उनके ख़राब फॉर्म को देखते हुए अब बोर्ड ने उन्हें कप्तानी के पद से मुक्त कर दिया है. खबर ये भी है कि उन्हें टीम में भी शामिल नहीं किया जाएगा।
इस बड़े बदलाव को लेकर बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंदरूनी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि मुख्य कोच गौतम गंभीर, चयन समिति और बोर्ड प्रबंधन ने लंबी चर्चा के बाद यह संयुक्त निर्णय लिया है कि अब भारतीय टी20 टीम को एक बिल्कुल नए दृष्टिकोण और नए कप्तान के साथ आगे बढ़ना चाहिए. बोर्ड का मानना है कि सूर्य ने बतौर कप्तान आईसीसी ट्रॉफी तो जिताई, लेकिन उनके भविष्य और गिरते फॉर्म को देखते हुए अब कड़े फैसले लेने का सही समय आ गया है.
प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, सूर्यकुमार यादव को न केवल कप्तानी से हटाया गया है, बल्कि अब उन्हें आगामी सीरीज के लिए टीम चयन की रेस से भी पूरी तरह बाहर कर दिया गया है. चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे अब युवाओं पर दांव लगाना चाहते हैं. इस फैसले की आधिकारिक जानकारी बहुत जल्द ही स्वयं सूर्यकुमार यादव को बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दे दी जाएगी, जिससे टीम में नए नेतृत्व का रास्ता साफ हो सके.
दरअसल, पिछले कुछ समय से बल्ले के साथ सूर्य का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए बड़ी चिंता का सबब बना हुआ था. पिछले दो सालों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी फॉर्म में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी, जो आईपीएल 2026 के सीजन में भी साफ दिखाई दी. राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एक अर्धशतक को छोड़ दें, तो पूरे सीजन की 13 पारियों में वे महज 20.76 की मामूली औसत से सिर्फ 270 रन ही बना सके, जिसने उनके खिलाफ माहौल बना दिया.
याद दिला दें कि साल 2024 में वेस्टइंडीज की धरती पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद जब रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट को अलविदा कहा था, तब मध्यक्रम के इस धाकड़ बल्लेबाज को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई थी. मार्च में भारत को चैंपियन बनाने के बावजूद उनकी व्यक्तिगत बल्लेबाजी शैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे.
इस साल मार्च में दिए एक पुराने इंटरव्यू में सूर्य ने कप्तान के तौर पर अपने विचारों को खुलकर साझा किया था. उन्होंने कहा था, "जब से मुझे कप्तानी की जिम्मेदारी मिली, मेरा ध्यान कभी खुद के रनों पर नहीं बल्कि टीम के बाकी 14 खिलाड़ियों को संभालने पर था. मुझे पूरा भरोसा था कि मेरे रन भी जल्द ही बनेंगे. साल 2024 के उस ऐतिहासिक कैच ने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी थी और अब कप्तान के रूप में वर्ल्ड कप जीतकर सब कुछ बदलने वाला है."