केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद स्पेन की टीम पर जीत दर्ज करने का दबाव था. रविवार को उन्होंने यह कमी बखूबी पूरी की. अटलांटा में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने सऊदी अरब को एकतरफा अंदाज में चार-शून्य से हराकर टूर्नामेंट में अपना खाता खोला और फैंस को राहत दी. उन्होंने यह गेम 4-0 से जीता.
मैच के दसवें मिनट में ही युवा स्टार लैमिन यमल ने फार पोस्ट पर मिले स्क्वायर पास को नेट में डालकर स्पेन को बढ़त दिला दी. इस गोल के साथ वे वर्ल्ड कप में स्पेन के लिए सबसे कम उम्र में गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए, जो उनके शानदार करियर का एक और सुनहरा पल बन गया. इसके कुछ ही मिनट बाद मिकेल ओयारजाबल ने अपनी फॉर्म दिखाते हुए महज तीन मिनट के अंदर दो गोल दाग दिए. दोनों गोल बेहद करीबी दूरी से किए गए, जिससे सऊदी अरब की मुश्किलें शुरुआती दौर में ही बढ़ गईं और मैच पर स्पेन की पकड़ मजबूत हो गई.
पहले हाफ में बड़े झटके खाने के बाद सऊदी अरब ने काउंटर-अटैक के जरिए वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उनके हमले बेअसर साबित हुए. दूसरे हाफ की शुरुआत में ही कोच लुइस डे ला फुएंते ने यमल और ओयारज़ाबल को मैदान से बाहर बुलाकर साफ संकेत दे दिया कि टीम अब सिर्फ बढ़त को सुरक्षित रखना चाहती है. इसके बाद चौथे मिनट में मार्क कुकुरेला के शॉट को गोलकीपर रोक नहीं पाए और गेंद डिफेंडर से टकराकर गोल में चली गई, जिससे स्पेन की जीत पूरी तरह तय हो गई.
मुकाबले के आखिरी पलों में फेरन टोरेस ने भी इंजरी टाइम में टैप-इन गोल किया. उनकी दौड़ का समय गलत साबित हुआ और रेफरी ने उन्हें ऑफसाइड करार देकर गोल खारिज कर दिया. हालांकि इससे स्पेन की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा और टीम ने शानदार प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट में अपनी मजबूत वापसी दर्ज कर ली.