नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता एक बार फिर संकट में घिर गई है. ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों और सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों से नाराज ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को वार्ता बीच में ही छोड़ दी.
सूत्रों के मुताबिक, ईरानी पक्ष ने अमेरिकी रुख को बातचीत के अनुकूल माहौल के विपरीत बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बैठक स्थल से बाहर निकल गए, जिससे वार्ता की प्रक्रिया पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं.
ईरान का कहना है कि दबाव और धमकियों के माहौल में सार्थक संवाद संभव नहीं है. ईरानी प्रतिनिधियों ने माना कि किसी भी शांति प्रक्रिया के लिए विश्वास और सम्मान का वातावरण जरूरी है, जबकि हालिया अमेरिकी बयान इसके विपरीत संकेत देते हैं.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मेहदी गोरबनजादेह ने सरकारी मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि लेबनान की स्थिति का समाधान हुए बिना किसी अन्य विषय पर आगे बढ़ना संभव नहीं है.
उन्होंने कहा, 'जब तक लेबनान में जारी संघर्ष समाप्त नहीं होता, तब तक दूसरे मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं होगी. यदि वहां युद्ध खत्म नहीं होता है, तो अन्य विषयों पर वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी.'
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लेबनान से जुड़ी परिस्थितियों ने अमेरिका-ईरान वार्ता को और जटिल बना दिया है. ऐसे समय में जब दोनों पक्ष मतभेद कम करने की कोशिश कर रहे थे, ताजा घटनाक्रम ने बातचीत की दिशा को फिर से अनिश्चित बना दिया है.
अब नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों देश बातचीत बहाल करने के लिए कोई नया रास्ता निकालते हैं या फिर यह गतिरोध और लंबा खिंचता है.