रविवार को दांबुला के रणगिरि स्टेडियम में खेले गए ट्राई सीरीज के खिताबी मुकाबले में तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया-ए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका-ए को मात दी. 378 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम 311 रन पर ही ऑलआउट हो गई और भारतीय टीम ने आसानी से ट्रॉफी अपने नाम कर ली.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-ए की शुरुआत धमाकेदार रही. वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर उतरते ही आक्रामक अंदाज दिखाया और सिर्फ ग्यारह गेंदों में अर्धशतक जड़ डाला, जिसमें पांच छक्के और पांच चौके शामिल थे. ऐसा लग रहा था कि वे शतक तक पहुंच जाएंगे लेकिन कप्तान सहान अराचिगे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में वे बावन रन बनाकर कैच आउट हो गए. उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी, जिसका फायदा बाद में पूरी बल्लेबाजी क्रम को मिला.
वैभव के आउट होने के बाद भी इंडिया-ए की रन रफ्तार थमी नहीं. कप्तान तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने तीसरे विकेट के लिए चौरासी रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला. इसके बाद तिलक ने कुमार कुशाग्र के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए तिरसठ रन और जोड़े. अनुकूल रॉय ने आखिरी ओवरों में महज पंद्रह गेंदों पर उनतालीस रन ठोककर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, जिससे इंडिया-ए ने नौ विकेट खोकर तीन सौ सतहत्तर रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.
इतने बड़े लक्ष्य के सामने श्रीलंका-ए की शुरुआत बेहद खराब रही और पावरप्ले में ही तीन विकेट गिर गए. यश ठाकुर ने शुरुआती झटके देकर मेजबान टीम को दबाव में डाला. बीच में सदीरा समरविक्रमा और कप्तान सहान अराचिगे ने कुछ प्रतिरोध दिखाया लेकिन विप्रज निगम और यश ठाकुर ने तीन-तीन विकेट चटकाकर श्रीलंकाई पारी को रोक दिया. पूरी टीम पैंतालीस ओवरों में ही सिमट गई और इंडिया-ए ने यह खिताबी मुकाबला छियासठ रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया.